रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा (CGL) को रद्द करने की मांग से जुड़े मामले में झारखंड हाई कोर्ट शुक्रवार को अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाएगा। इस फैसले पर हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हुई हैं। परीक्षा की निष्पक्षता और कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई पर अब विराम लगने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, इस मामले में रमेश उरांव, नीरज खेस समेत विभिन्न याचिकाकर्ताओं की ओर से कुल आठ याचिकाएं दायर की गई हैं। सभी याचिकाओं पर हाई कोर्ट एक साथ अपना फैसला सुनाएगा। मामले की सुनवाई के दौरान सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 8 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
अब शुक्रवार सुबह 10:30 बजे न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में इस बहुप्रतीक्षित मामले पर फैसला सुनाया जाएगा। अदालत के निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग पर न्यायालय का क्या रुख है।
इस फैसले को लेकर अभ्यर्थियों के बीच काफी उत्सुकता और बेचैनी देखी जा रही है। लंबे समय से परिणाम और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच हाई कोर्ट का यह निर्णय अभ्यर्थियों के भविष्य की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब सभी की निगाहें शुक्रवार सुबह 10:30 बजे आने वाले हाई कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।
