11 पार्किंग स्थलों पर तैनात होंगे मजिस्ट्रेट और सुरक्षाकर्मी, चार स्थानों पर मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा; निर्माण कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश
सिमडेगा। रामरेखा महोत्सव 2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में उपायुक्त कंचन सिंह ने रामरेखा धाम परिसर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने रामरेखा धाम समिति के सदस्यों और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की। उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करने का निर्देश दिया।
11 पार्किंग स्थलों पर मजिस्ट्रेट और सुरक्षाकर्मियों की होगी तैनाती
राजकीय रामरेखा महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं और वाहनों की संभावित भीड़ को देखते हुए 11 पार्किंग स्थलों को चिह्नित किया गया है। उपायुक्त ने इन सभी स्थलों पर मजिस्ट्रेट, सुरक्षाकर्मियों और समिति के स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में पार्किंग प्रबंधन समिति गठित करने की बात कही गई।
प्रशासन का उद्देश्य वाहनों का सुचारू परिचालन सुनिश्चित करना और श्रद्धालुओं को जाम की समस्या से बचाना है। इसके साथ ही मेले में आने-जाने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
चार स्थानों पर स्वास्थ्य केंद्र, एंबुलेंस और मेडिकल टीम रहेगी उपलब्ध
महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चार स्थानों पर स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे। बैठक में सिविल सर्जन ने इसकी जानकारी दी। साथ ही जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए एंबुलेंस और मेडिकल टीम की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए, ताकि आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को समय पर उपचार मिल सके।
पेयजल, शौचालय और स्वच्छता पर विशेष जोर
रामरेखा धाम में श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उपायुक्त ने रामरेखा जलापूर्ति योजना की मरम्मत कराकर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। निर्माणाधीन शौचालयों को जल्द पूरा करने, पुराने शौचालयों की मरम्मत कराने और जरूरत के अनुसार अस्थायी शौचालय बनाने को भी कहा गया।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि पेयजल वितरण केंद्र किसी होटल परिसर में नहीं बनाया जाए। सभी पेयजल केंद्रों की जानकारी दर्शाने वाले बोर्ड ऐसी जगह लगाए जाएं, जहां श्रद्धालुओं को आसानी से दिखाई दें।
इसके अलावा पुलिसकर्मियों, विशेषकर महिला सुरक्षाकर्मियों के ठहरने, भोजन, पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
दुकानों के रंग और आकार में एकरूपता रखने का निर्देश
रामरेखा महोत्सव परिसर में लगने वाली दुकानों को व्यवस्थित स्वरूप देने पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि दुकानों के छप्पर या तिरपाल का रंग एक जैसा रखा जाए और दुकानों के आकार का उचित प्रबंधन किया जाए। समिति को दुकानदारों से समन्वय स्थापित कर एकरूप रंग के तिरपाल और छप्पर लगाने का अनुरोध करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
साथ ही दुकानदारों को सड़क पर दुकान नहीं लगाने देने का निर्देश दिया गया, ताकि आवागमन बाधित न हो। बैठक में साधु-संतों के ठहरने की व्यवस्था, दाल-भात केंद्र और दीदी कैफे के संचालन को लेकर भी चर्चा की गई। विद्युत कार्यपालक अभियंता को महोत्सव से पहले बिजली कनेक्शन और संबंधित कार्य समय पर पूरा करने को कहा गया।
निर्माण कार्यों का निरीक्षण, संग्रहालय भवन जल्द पूरा करने का निर्देश
बैठक के बाद उपायुक्त कंचन सिंह ने रामरेखा धाम में चल रहे भवन निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने और महोत्सव तक आवश्यक कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। विशेष रूप से संग्रहालय भवन का निर्माण निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त ने भवन में लगाए जाने वाले टाइल्स और मार्बल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि निर्माण कार्य टिकाऊ और लंबे समय तक उपयोगी बना रहे।
सड़क निर्माण के प्रस्ताव विभाग को भेजे गए
रामरेखा धाम तक पहुंचने वाले मार्गों की सुविधा को लेकर भी प्रशासन की ओर से पहल की जा रही है। विभिन्न सड़कों के निर्माण और नई सड़कों की स्वीकृति के लिए संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजे गए हैं। प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों और रामरेखा धाम समिति को आपसी तालमेल के साथ तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। प्रशासन का लक्ष्य महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि आयोजन व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।


