झारखंड सरकार ने गलत तरीके से राशन कार्ड का लाभ उठा रहे अपात्र लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि राइटफुल टारगेटिंग अभियान के तहत चिन्हित अपात्र लाभुकों के राशन कार्ड तत्काल प्रभाव से रद्द किए जाएं।
विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने इस संबंध में सभी जिलों को पत्र जारी कर कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
31 अगस्त के बाद रुक सकता है अनाज का आवंटन
खाद्य विभाग के अनुसार, भारत सरकार द्वारा जारी केपीआई (KPI-V2) रिपोर्ट के आधार पर जिन जिलों में समय पर कार्रवाई नहीं होगी, वहां 31 अगस्त 2026 के बाद केंद्र सरकार अनाज का आवंटन रोक सकती है।
सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि वे इस अभियान की साप्ताहिक समीक्षा करें और अपात्र लाभुकों को सूची से हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाएं।
किन राशन कार्डधारकों पर होगी कार्रवाई?
सरकार उन लोगों की पहचान कर रही है जो आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद राशन योजना का लाभ ले रहे हैं। जांच के दौरान ऐसे लाभुकों के राशन कार्ड रद्द किए जाएंगे।
नगर निकायों को मिले 154 करोड़ रुपये
झारखंड सरकार ने शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों को कुल 154 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी की है।
इस राशि का उपयोग सड़क, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर किया जाएगा।
गिरिडीह और रांची नगर निगम को मिला बड़ा फंड
नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी राशि में नगर निगमों के बीच गिरिडीह नगर निगम को सबसे अधिक 4.90 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
वहीं, रांची नगर निगम को 3.45 करोड़ रुपये की राशि दी गई है।
प्रमुख आवंटन
| नगर निकाय | आवंटित राशि |
|---|---|
| गिरिडीह नगर निगम | 4.90 करोड़ रुपये |
| रांची नगर निगम | 3.45 करोड़ रुपये |
इन कार्यों पर खर्च होगी राशि
- सड़कों का निर्माण और मरम्मत
- नालियों का निर्माण
- जल निकासी व्यवस्था में सुधार
- शहरी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार
- सार्वजनिक सुविधाओं का विकास
सरकार का कहना है कि इस फंड से शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।


