महिला फरियादी के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में 15 पुलिसकर्मी निलंबित, मुख्य आरोपी समेत तीन पुलिसकर्मी न्यायिक हिरासत में
सरायकेला-खरसावां। गम्हरिया थाना परिसर में महिला फरियादी के साथ कथित दुष्कर्म के मामले ने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली और थाने के भीतर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में कार्रवाई के बीच अब थाने में रात के दौरान पुलिसकर्मियों की गतिविधियों और अनुशासन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शराब के सेवन और आपत्तिजनक गतिविधियों के आरोपों ने पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया है।
जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर की रात घरेलू विवाद के बाद मदद की गुहार लेकर थाना पहुंची महिला के साथ कथित दुष्कर्म का आरोप वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा पर लगा है। इस मामले में अब तक 15 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी समेत तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजे जा चुके हैं।
थाने के भीतर रात की गतिविधियों को लेकर सवाल
प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, गम्हरिया थाना परिसर में रात के समय शराब और आपत्तिजनक गतिविधियां होने को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। वायरलेस ऑपरेटर के कमरे में कथित तौर पर आपत्तिजनक गतिविधियों की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।
इस पूरे प्रकरण ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना परिसर में रात के समय निगरानी की व्यवस्था कैसी थी? यदि वहां अनुशासनहीन गतिविधियां हो रही थीं, तो वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली? महिला फरियादी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी वाले थाने में ऐसी कथित घटना कैसे हुई?
एसआईटी कर रही पूरे मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) जांच कर रही है। पुलिस प्रशासन की ओर से निलंबन और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किन लोगों की क्या भूमिका रही।
गम्हरिया थाना का यह मामला केवल एक महिला फरियादी के साथ कथित अपराध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही, थानों की निगरानी और महिला सुरक्षा को लेकर भी गंभीर बहस छेड़ दी है। एसआईटी की जांच में सामने आने वाले तथ्य ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट करेंगे।
