झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित धांधली की जांच के दौरान सीआईडी को कई अहम दस्तावेज मिले हैं। जांच में सामने आया है कि JPSC परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) का पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी BARC, भारतीय नौसेना, दरोगा भर्ती और कई अन्य केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर चुका है।
सीआईडी अब इन सभी परीक्षाओं की सत्यता की जांच कर रही है और संबंधित एजेंसियों से अभय तिवारी से जुड़े सभी रिकॉर्ड मांगे गए हैं।
किन-किन परीक्षाओं में सफल होने का दावा?
सीआईडी की छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों के अनुसार, अभय तिवारी के पास निम्नलिखित परीक्षाओं में सफलता के प्रमाण पत्र मिले हैं—
- वर्ष 2018 की पुलिस अवर निरीक्षक (दरोगा) परीक्षा
- भारतीय नौसेना में एसएआर पद की वर्ष 2013 की परीक्षा
- भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) की वर्ष 2014 की परीक्षा
- आईआरबी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा
- सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल (लिखित और टाइपिंग) परीक्षा
- नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) की प्रारंभिक परीक्षा
- JSSC पीजीटी शिक्षक भर्ती परीक्षा
- JSSC CGL परीक्षा
- JPSC एसीएफ (ACF) परीक्षा
- फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) परीक्षा
- फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) परीक्षा
- 11वीं से 13वीं संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा
अब सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि अभय तिवारी वास्तव में इन परीक्षाओं में सफल हुआ था या फिर कहीं फर्जीवाड़ा किया गया है।
CID की नजर में क्यों है अभय तिवारी?
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में सीआईडी अभय तिवारी को एक महत्वपूर्ण संदिग्ध मान रही है। जांच एजेंसी उसके परीक्षा रिकॉर्ड, चयन प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।
इसके लिए विभिन्न भर्ती एजेंसियों और संस्थानों से अभय तिवारी से जुड़े दस्तावेज, आवेदन पत्र और चयन रिकॉर्ड मांगे गए हैं।
रेंजर परीक्षा में भी गड़बड़ी के आरोप
JPSC की जांच के दौरान फॉरेस्ट रेंजर परीक्षा से जुड़े कुछ नए आरोप भी सामने आए हैं। शिकायतों के अनुसार, कुछ फॉरेस्ट गार्ड कर्मचारियों ने कथित तौर पर गलत तरीके से परीक्षा पास की है।
जिन नामों की जांच की जा रही है, उनमें—
- प्यारे लाल साव
- ओम प्रकाश शर्मा
- एस. कुमार
- अमन साथ
- अमर आनंद सरस्वती
- पंकज कुमार
- रंजीत रविदास
शामिल हैं।
इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने या तो स्वयं गलत तरीके से परीक्षा पास की या फिर अन्य अभ्यर्थियों की मदद की।
OMR शीट और शिकायतों की जांच जारी
सीआईडी को लगातार छात्रों की शिकायतें और ओएमआर शीट की प्रतियां मिल रही हैं। जांच एजेंसी इन दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है और आवश्यक साक्ष्य जुटाने में लगी है।
इसके अलावा, टीडीपीएल के फरार निदेशक की तलाश भी तेज कर दी गई है।
नोट: फिलहाल जांच जारी है। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोप सिद्ध होना बाकी है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएंगे।


