ताज़ा खबरें

Copyright © 2025 swatantraawaj.com . All Right Reserved.

जर्जर भवन और शिक्षकों की कमी से जूझ रहा बौधाडीह हाई स्कूल, 300 विद्यार्थियों का भविष्य अधर में

मैट्रिक परीक्षा नजदीक, विद्यालय के 18 विद्यार्थी पिछले वर्ष हुए थे फेल; प्रमुख प्रतिनिधि ने उपायुक्त से की पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और नए भवन निर्माण की मांग

कुंदा (चतरा)। प्रखंड के बौधाडीह पंचायत क्षेत्र में संचालित एकमात्र हाई स्कूल इन दिनों बदहाल शैक्षणिक व्यवस्था से जूझ रहा है। विद्यालय में जर्जर भवन और शिक्षकों की भारी कमी के कारण करीब 300 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्थिति यह है कि कक्षा एक से दसवीं तक की पढ़ाई महज छह कमरों में संचालित की जा रही है। विद्यालय भवन की दीवारों में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं, जबकि छत और प्लास्टर टूटकर गिर रहे हैं। ऐसे में विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।

विद्यालय में शिक्षकों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। वर्तमान में यहां मात्र पांच शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें कक्षा एक से पांच तक के लिए तीन शिक्षक हैं, जबकि कक्षा छह से आठ तक पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है। वहीं, नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी महज दो शिक्षकों के भरोसे है। शिक्षकों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी पर पड़ रहा है।

सबसे अधिक चिंता मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को लेकर है। परीक्षा नजदीक होने के बावजूद पर्याप्त विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इससे विद्यार्थियों की तैयारी प्रभावित हो रही है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी विद्यालय के 18 विद्यार्थी मैट्रिक परीक्षा में असफल हुए थे। ऐसे में इस वर्ष भी परीक्षा परिणाम को लेकर चिंता जताई जा रही है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रमुख प्रतिनिधि जयराम भारती ने उपायुक्त से विद्यालय में तत्काल पर्याप्त संख्या में विषयवार शिक्षकों की पदस्थापना करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कुछ ही महीनों में मैट्रिक की परीक्षा होने वाली है। ऐसे में विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अविलंब शिक्षकों की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि छात्र-छात्राएं बेहतर तरीके से परीक्षा की तैयारी कर सकें।

इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय के जर्जर भवन की जांच कराकर नए भवन निर्माण की स्वीकृति देने की मांग भी की है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से विद्यालय की बदहाल स्थिति पर शीघ्र संज्ञान लेने की अपील की है। उनका कहना है कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना जरूरी है। अब देखना होगा कि प्रशासन और शिक्षा विभाग इस समस्या के समाधान के लिए कब तक ठोस कदम उठाते हैं।

Tags :

swatantra awaj

मुख्य समाचार

लोकप्रिय ख़बरें

स्वतंत्र आवाज़ — आपकी आवाज़, आपके मुद्दे। देश, राज्य और स्थानीय स्तर की निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरें, अब आपकी भाषा में।

ताज़ा खबरें

लोकप्रिय समाचार

Copyright © 2025 Swatantrawaj.com  All Right Reserved.