ताज़ा खबरें

Copyright © 2025 swatantraawaj.com . All Right Reserved.

CAG Report Jharkhand: जल जीवन मिशन में ₹159 करोड़ का टेंडर खेल, PM Awas में 28% पात्र गरीब वंचित

CAG Report Jharkhand: झारखंड में जल जीवन मिशन (JJM) और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के क्रियान्वयन को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG की ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है. रिपोर्ट में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की टेंडर प्रक्रिया और पीएम आवास योजना में लाभार्थियों के चयन को लेकर सवाल उठाये गये हैं. ऑडिट के अनुसार, एक ऐसे संवेदक को भी करोड़ों रुपये के काम आवंटित किये गये, जिसकी निविदा क्षमता नियमों के अनुसार शून्य थी. वहीं, पीएम आवास योजना में लाखों पात्र ग्रामीण परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल पाया.

जल जीवन मिशन में ₹159.36 करोड़ के टेंडर का मामला

CAG की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में टेंडर आवंटन की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि एक संवेदक ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में महज ₹5.60 करोड़ का सिविल कार्य दिखाया था.

ऑडिट के मुताबिक, निर्धारित नियमों के आधार पर उसकी टेंडर क्षमता शून्य बनती थी. इसके बावजूद संबंधित संवेदक को सात टेंडर में कुल ₹54.05 करोड़ के काम आवंटित किये गये. इतना ही नहीं, रिपोर्ट में कुल ₹159.36 करोड़ तक के टेंडर आवंटन का उल्लेख किया गया है.

टेंडर प्रक्रिया पर CAG ने उठाये सवाल

CAG रिपोर्ट में इस तरह के टेंडर आवंटन को लेकर विभागीय प्रक्रिया और नियमों के पालन पर सवाल उठाये गये हैं. रिपोर्ट के अनुसार, निविदा क्षमता की गणना सिविल इंजीनियरिंग कार्यों के आधार पर की जानी थी.

ऐसे में जिस संवेदक की पात्रता और टेंडर क्षमता नियमों के अनुसार पर्याप्त नहीं थी, उसे बड़े मूल्य के काम दिये जाने की प्रक्रिया ऑडिट के दायरे में आयी. यह मामला Jal Jeevan Mission Jharkhand में काम के आवंटन और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है.

PM Awas Yojana में 6.32 लाख पात्र परिवार वंचित

CAG की ऑडिट रिपोर्ट में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को लेकर भी बड़ी खामी सामने आयी है. रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में 22.34 लाख पात्र ग्रामीण परिवारों की पहचान की गयी थी. हालांकि, केंद्र से राज्य को केवल 16.02 लाख परिवारों का लक्ष्य मिला.

इस वजह से 6.32 लाख पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित रह गये. यह संख्या राज्य में चिन्हित कुल पात्र परिवारों की करीब 28 फीसदी है.

पात्र गरीब बाहर, 2.90 लाख अपात्र नाम सूची में

रिपोर्ट में लाभार्थियों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाये गये हैं. एक तरफ बड़ी संख्या में पात्र परिवार योजना के लक्ष्य से बाहर रह गये, वहीं दूसरी ओर प्रतीक्षा सूची में 2.90 लाख अपात्र लाभार्थियों के नाम शामिल किये गये.

ऑडिट के दौरान इन अपात्र नामों की पहचान हुई और बाद में उन्हें सूची से हटाया गया. CAG की रिपोर्ट के मुताबिक, इससे योजना के लाभार्थी चयन और निगरानी व्यवस्था की कमियां सामने आती हैं.

PM Awas के 8% घरों में शौचालय नहीं

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास निर्माण के साथ बुनियादी सुविधाओं पर भी सवाल उठे हैं. CAG रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में पूर्ण हो चुके करीब 8 फीसदी पीएम आवासों में शौचालय की सुविधा नहीं मिली.

यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य को खुले में शौच से मुक्त यानी ODF घोषित किया जा चुका है. ऐसे में पीएम आवास योजना के तहत बने घरों में शौचालय की सुविधा नहीं होना योजना के क्रियान्वयन और निगरानी पर सवाल खड़ा करता है.

CAG Report से योजनाओं की निगरानी पर सवाल

जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना दोनों केंद्र की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाएं हैं. ऐसे में CAG की ऑडिट रिपोर्ट में सामने आयी अनियमितताएं सरकारी योजनाओं की टेंडर प्रक्रिया, लाभार्थी चयन, निगरानी और वित्तीय प्रबंधन पर सवाल खड़े करती हैं.

हालांकि, CAG की ऑडिट रिपोर्ट में दर्ज आपत्तियां और निष्कर्ष जांच एवं सरकारी जवाब की प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं. संबंधित विभागों की ओर से इन बिंदुओं पर जवाब और सुधारात्मक कार्रवाई की स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी.

अब सरकार के सामने क्या चुनौती?

CAG रिपोर्ट के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ₹159.36 करोड़ के टेंडर आवंटन, पात्र परिवारों को PM Awas से बाहर रखने और अपात्र लाभार्थियों के नाम शामिल किये जाने के मामलों में जिम्मेदारी कैसे तय होगी. साथ ही, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र लोगों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए सरकार क्या कदम उठाती है, इस पर भी नजर रहेगी.

CAG Report Jharkhand में सामने आये ये आंकड़े राज्य में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था को लेकर एक गंभीर तस्वीर पेश करते हैं.

Tags :

Priyanka Rajput

मुख्य समाचार

लोकप्रिय ख़बरें

स्वतंत्र आवाज़ — आपकी आवाज़, आपके मुद्दे। देश, राज्य और स्थानीय स्तर की निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरें, अब आपकी भाषा में।

ताज़ा खबरें

लोकप्रिय समाचार

Copyright © 2025 Swatantrawaj.com  All Right Reserved.