नीमडीह और कुकड़ू में बालू-गिट्टी के अवैध खनन पर प्रशासन सख्त, सीओ अभय रंजन द्विवेदी ने दी चेतावनी; 24 घंटे में कभी भी हो सकती है छापेमारी
सरायकेला-खरसावां/नीमडीह। जिले के नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड में बालू एवं गिट्टी के अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अंचलाधिकारी अभय रंजन द्विवेदी ने अवैध खनन में शामिल लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि पकड़े जाने पर केवल जुर्माना लगाकर नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि संबंधित लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया जाएगा। उन्होंने ट्रैक्टर और हाइवा के माध्यम से अवैध खनन एवं परिवहन करने वालों से तत्काल इस गतिविधि को बंद करने की अपील की है।
जिला प्रशासन के निर्देश पर चल रही कार्रवाई
सीओ अभय रंजन द्विवेदी के अनुसार, उपायुक्त और जिला प्रशासन के निर्देश पर जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) के सहयोग से अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान में तिरुलडीह और नीमडीह थाना क्षेत्र की पुलिस भी सहयोग कर रही है। प्रशासन की ओर से दोनों प्रखंडों में निगरानी और निरीक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन के मामलों में नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों को राहत नहीं दी जाएगी।
एसआईआर कार्य के कारण अभियान में आ रही बाधा
सीओ ने बताया कि इन दिनों विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य में व्यस्तता के कारण कई बार समय पर घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई होती है। इससे अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई प्रभावित हो रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का अभियान जारी रहेगा और अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।
24 घंटे में कभी भी हो सकती है छापेमारी
अवैध खनन करने वालों को चेतावनी देते हुए सीओ ने कहा कि वे 24 घंटे में कभी भी जांच और छापेमारी के लिए निकल सकते हैं। ट्रैक्टर या हाइवा से अवैध रूप से बालू अथवा गिट्टी का खनन और परिवहन करने वालों को इसे तत्काल बंद कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी काम के लिए सामग्री ले जाने का तर्क देकर नियमों के उल्लंघन को उचित नहीं ठहराया जा सकता। सीओ ने लोगों से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और खनन संबंधी नियमों का पालन करने की अपील की। उनके मुताबिक, कुछ लोगों ने अवैध खनन से दूरी बना ली है, जबकि अन्य लोगों को भी ऐसा करना चाहिए।
शंखा नदी क्षेत्र पर प्रशासन की विशेष नजर
सीओ ने शंखा नदी क्षेत्र में अवैध बालू खनन को लेकर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र का पहले भी निरीक्षण किया गया है और एसआईआर का कार्य पूरा होने के बाद दोबारा कार्रवाई की जाएगी। उनके अनुसार, स्थानीय स्तर पर ट्रैक्टरों के माध्यम से बड़ी मात्रा में बालू ले जाने की जानकारी मिली है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक टीम की गतिविधियों की सूचना पहले ही कुछ लोगों तक पहुंच जाने से कार्रवाई में परेशानी आती है। ऐसे में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए निगरानी और जनसहयोग जरूरी है।
आम लोगों से सहयोग की अपील
अंचलाधिकारी ने स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों से अवैध खनन की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने और अभियान में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों के सहयोग से अवैध गतिविधियों पर जल्द अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
सीओ ने दोहराया कि अवैध खनन के मामलों में अब केवल जुर्माना लगाने तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय नियमानुसार मुकदमा दर्ज करने पर जोर दिया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य अवैध खनन पर रोक लगाने के साथ शंखा नदी के पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।


