रांची। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) से पहले अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र में विषय और शिक्षक कोटि से जुड़ी विसंगतियों का मामला सामने आया है। अंग्रेजी ऑनर्स से स्नातक करने वाले कई अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र में शिक्षक की कोटि सामाजिक अध्ययन दर्ज कर दी गई है। इससे अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें आशंका है कि यदि समय रहते इस त्रुटि में सुधार नहीं हुआ, तो परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद वे भविष्य में सहायक आचार्य की नियुक्ति प्रक्रिया में परेशानी का सामना कर सकते हैं।
परीक्षा की तैयारी अंतिम चरण में है। इसी बीच विषय, शिक्षक कोटि और आधार नंबर समेत विभिन्न प्रकार की त्रुटियों को लेकर राज्य के अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थी झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) कार्यालय पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्याएं रखीं और प्रवेश पत्र में सुधार की मांग की।
सही आवेदन के बावजूद प्रवेश पत्र में गड़बड़ी का आरोप
JAC कार्यालय पहुंचे कई अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने आवेदन भरते समय अंग्रेजी विषय और संबंधित विकल्प का सही चयन किया था। इसके बावजूद प्रवेश पत्र में शिक्षक की कोटि सामाजिक अध्ययन दर्ज हो गई है। वहीं, कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान उन्हें सही विकल्प चुनने का अवसर नहीं मिला था।
अभ्यर्थियों के अनुसार, यदि वे अंग्रेजी विषय से JTET उत्तीर्ण करते हैं, लेकिन प्रमाणपत्र में शिक्षक की कोटि सामाजिक अध्ययन दर्ज रहती है, तो भविष्य में सहायक आचार्य की नियुक्ति के दौरान उन्हें परेशानी हो सकती है। इसी आशंका को देखते हुए वे परीक्षा से पहले त्रुटियों में सुधार की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने इस संबंध में JAC कार्यालय में आवेदन भी जमा किए हैं। हालांकि, उनका कहना है कि आवेदन जमा करने के बाद उन्हें उसकी प्राप्ति रसीद तक नहीं दी गई, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।
अलग-अलग जिलों से JAC कार्यालय पहुंचे अभ्यर्थी
प्रवेश पत्र में सुधार की मांग को लेकर जमशेदपुर से सुमित मिश्रा, साहिबगंज से बिट्टू गोराई, गिरिडीह से सुखदेव यादव, गोड्डा से रितू राज, दुमका से कृति कुमारी, रांची से प्रिया स्वाति मिंज और गुमला से नूतन बारला JAC कार्यालय पहुंचे।
अंग्रेजी विषय से स्नातक सुमित मिश्रा ने बताया कि उनके प्रवेश पत्र में विषय सही दर्ज है, लेकिन शिक्षक की कोटि सामाजिक अध्ययन दिखाई गई है। वहीं, साहिबगंज से पहुंचे बिट्टू गोराई ने भी अंग्रेजी विषय के अभ्यर्थी होने के बावजूद प्रवेश पत्र में सामाजिक विज्ञान श्रेणी दर्ज होने की समस्या बताई।
अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा से पहले प्रवेश पत्र में सुधार का स्पष्ट प्रावधान किया जाए, ताकि उन्हें भविष्य में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
परीक्षा के बाद विसंगतियों पर विचार करेगा JAC
इस मामले में झारखंड एकेडमिक काउंसिल के सचिव एसडी तिग्गा ने बताया कि अभ्यर्थियों ने विभिन्न प्रकार की विसंगतियों को लेकर आवेदन जमा किए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक की कोटि में गड़बड़ी का प्रमुख कारण अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन के दौरान गलत कोटि का चयन किया जाना है। उनके अनुसार, आवेदन में विषय सही है, लेकिन शिक्षक कोटि का विकल्प गलत चुना गया है।
सचिव ने कहा कि ऐसे मामलों पर परीक्षा के बाद विचार किया जाएगा। हालांकि, परीक्षा से पहले सुधार की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।
अभ्यर्थियों को सुधार प्रक्रिया का इंतजार
JTET में शामिल होने वाले अभ्यर्थी चाहते हैं कि उनकी शिकायतों का समय रहते समाधान किया जाए। उनका कहना है कि प्रवेश पत्र में विषय और शिक्षक कोटि की त्रुटि का असर भविष्य की नियुक्ति पर पड़ सकता है। ऐसे में परीक्षा के बाद विचार करने के बजाय संबंधित मामलों की समयबद्ध समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को तकनीकी विसंगतियों के कारण परेशानी न हो।


