• हर माह 809 शिक्षकों से पचास-पचास रुपये की जबरन वसूली , प्रधान लिपिक पर आरोप
चतरा : जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय में शिक्षकों से अबसेंटी (अनुपस्थिति) के नाम पर हर माह अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कार्यालय के प्रधान लिपिक मो. मोजाहिद पिछले डेढ़ साल से यह गोरखधंधा चला रहे हैं। जिले के कक्षा 9 से 12 तक कार्यरत करीब 809 शिक्षक-शिक्षिकाओं से जबरन 50 रुपये प्रति माह वसूला जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि अगर यह राशि नहीं दी जाती, तो उनकी उपस्थिति में गड़बड़ी कर दी जाती है और अबसेंटी दिखाकर प्रताड़ित किया जाता है। यह सिलसिला लिपिक की नियुक्ति के बाद से ही शुरू हुआ और अब फिक्स वसूली की तरह चल रहा है।लिपिक की पकड़ और शिक्षकों की मजबूरी .कार्यालय आने वाले शिक्षकों का आरोप है कि प्रधान लिपिक ने पूरे सिस्टम को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। बिना रुपये दिए कोई भी फाइल आगे नहीं बढ़ती। आवेदन से लेकर सेवा संबंधी काम तक सब कुछ पचास रुपये की घूस पर टिका है। एक शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि अगर पैसा न दो तो अबसेंटी बना दी जाती है। मजबूरी में हमें रिश्वत देनी पड़ती है। जब हम शिक्षक ही शिकार हैं तो आम लोग कितने परेशान होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
उच्च अधिकारियों की संलिप्तता का भी आरोप
शिक्षकों का कहना है कि यह खेल केवल लिपिक तक सीमित नहीं है। वसूली की गई राशि का एक हिस्सा उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है। यही कारण है कि यह धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है और रोक-टोक नहीं हो रही। जिलेभर के शिक्षकों ने इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।प्रधान लिपिक मो. मोजाहिद ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है कि शिक्षक-शिक्षिकाओं वेतन भुगतान के समय भेज दी जाती है। डीईओ का कहना है कि उन्हें इस तरह की अवैध वसूली की कोई जानकारी नहीं है।अगर किसी से वसूली होती है तो सीधे मुझे बताया जाए।


