देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल पोस्ट में कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल की कीमत में 10 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 25 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हो सकती है। इस दावे के बाद आम लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। हालांकि, केंद्र सरकार ने फिलहाल इन दावों को भ्रामक बताया है।
वायरल दावे पर सरकार की सफाई
पेट्रोलियम मंत्रालय और PIB Fact Check ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों का खंडन करते हुए कहा है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में किसी बड़े इजाफे का कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है। मंत्रालय ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण भविष्य में कीमतों पर असर पड़ सकता है। पिछले चार वर्षों से देश में खुदरा स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, जिससे तेल विपणन कंपनियों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
तेल कंपनियों को हो रहा भारी नुकसान
मई 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल की बिक्री पर प्रति लीटर लगभग 20 से 25 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं डीजल पर यह घाटा 100 से 105 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।
जानकारों के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों को रोजाना करीब 1600 से 2400 करोड़ रुपये तक का कुल नुकसान हो रहा है। इसके अलावा घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर भी प्रति सिलेंडर लगभग 290 से 380 रुपये तक का घाटा बताया जा रहा है।
फिलहाल कीमतों में बदलाव नहीं
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो सरकार और तेल कंपनियों को कीमतों में संशोधन पर विचार करना पड़ सकता है। लेकिन फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दामों में किसी तत्काल बड़ी बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों को लेकर लोगों को सतर्क रहने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
