नियोक्ता द्वारा रोके जाने से फंसे थे प्रवासी मजदूर, प्रशासनिक पहल के बाद ट्रेन से झारखंड रवाना
चाईबासा/रांची | प्रतिनिधि
तमिलनाडु में फंसे पश्चिम सिंहभूम जिले के 24 प्रवासी श्रमिकों को आखिरकार घर लौटने का रास्ता मिल गया है। मुख्यमंत्री Hemant Soren के हस्तक्षेप के बाद सभी श्रमिक सुरक्षित अपने गृह राज्य झारखंड के लिए रवाना हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये सभी श्रमिक कथित तौर पर अपने नियोक्ता द्वारा घर लौटने की अनुमति नहीं दिए जाने के कारण तमिलनाडु में फंसे हुए थे। लंबे समय से घर वापसी का इंतजार कर रहे इन मजदूरों ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी समस्या साझा की थी, जिस पर राज्य सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया।
राज्य प्रवासी नियंत्रण प्रकोष्ठ की टीम लीडर शिखा लकड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रकोष्ठ और पश्चिम सिंहभूम जिला प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए श्रमिकों की सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की। तमिलनाडु प्रशासन से समन्वय स्थापित कर सभी 24 प्रवासी श्रमिकों (पुरुष एवं महिला) के लिए रेल टिकट उपलब्ध कराए गए।
इसके बाद सभी श्रमिक गुरुवार शाम तमिलनाडु के सलेम स्टेशन से टाटानगर के लिए ट्रेन में सवार हो गए। प्रशासन के अनुसार, सभी श्रमिक सुरक्षित हैं और जल्द ही अपने घर पहुंच जाएंगे।
इस पहल से न सिर्फ श्रमिकों को राहत मिली है, बल्कि राज्य सरकार की तत्परता और संवेदनशीलता भी सामने आई है। प्रवासी मजदूरों के मुद्दों को लेकर सरकार की सक्रियता को स्थानीय स्तर पर सराहा जा रहा है।
