आवक में कमी, मौसम की मार और निर्यात चर्चा से बढ़े भाव; सरकार राहत की तैयारी में
📍 नई दिल्ली | बिजनेस डेस्क
रसोई का बजट एक बार फिर बिगड़ने लगा है। आम आदमी की थाली में अहम भूमिका निभाने वाला प्याज अब लोगों की आंखों में आंसू ला रहा है। बाजार में प्याज की कीमतें तेजी से बढ़कर ₹50 से ₹60 प्रति किलो के पार पहुंच गई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ रहा है।
मंडियों में प्याज की आवक घटने और निर्यात नीति में संभावित बदलाव की चर्चाओं ने कीमतों में अचानक उछाल ला दिया है। कुछ दिन पहले तक सस्ते दामों पर मिलने वाला प्याज अब दोगुने भाव पर बिक रहा है।
🟡 क्यों बढ़े प्याज के दाम? जानिए 5 बड़े कारण
1. मौसम की मार से फसल को नुकसान
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने तैयार फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में ही प्याज सड़ने से सप्लाई घट गई है।
2. पुराना स्टॉक खत्म होने की कगार पर
कोल्ड स्टोरेज में रखा रबी सीजन का प्याज धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है, जबकि नई खरीफ फसल आने में अभी समय है। इस सप्लाई गैप ने कीमतों को बढ़ावा दिया है।
3. बिचौलियों की जमाखोरी
निर्यात पर पाबंदी में ढील की संभावनाओं के चलते व्यापारियों ने बड़े पैमाने पर स्टॉक जमा करना शुरू कर दिया है, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हो गई है।
4. महंगा हुआ परिवहन
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और डीजल के महंगे होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है। नासिक से देश के अन्य हिस्सों तक प्याज पहुंचाने में अधिक लागत आ रही है, जिसका असर खुदरा कीमतों पर पड़ रहा है।
5. सप्लाई चेन में असंतुलन
आपूर्ति और मांग के बीच असंतुलन ने भी कीमतों को ऊपर धकेला है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
🟢 राहत की तैयारी में सरकार
बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार अब अपने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने की योजना बना रही है। सहकारी संस्थाओं जैसे National Cooperative Consumers’ Federation of India (NCCF) और National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India (NAFED) के माध्यम से सस्ते दरों पर प्याज उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
सरकार का उद्देश्य है कि जल्द से जल्द बाजार में आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों को नियंत्रित किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

