चार यूनिट तबाह, राहत कार्य के दौरान दूसरा धमाका; 16 महिलाएं मृतकों में शामिल
तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के कट्टनारपट्टी इलाके में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। धमाका इतना जोरदार था कि फैक्ट्री की कई यूनिटें पलभर में आग और मलबे में तब्दील हो गईं। इस हादसे में अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों का नजदीकी अस्पताल में इलाज जारी है।
जिला कलेक्टर डॉ. एन.ओ. सुखपुत्रा के अनुसार, मृतकों में 16 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं, जबकि अब तक 19 शवों की पहचान हो चुकी है। बाकी शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री सामान्य तौर पर रविवार को बंद रहती है, इसके बावजूद हादसे वाले दिन काम कराया जा रहा था। साथ ही, कई सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है, जिसकी गंभीरता से जांच की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, विस्फोट एक यूनिट से शुरू होकर तेजी से चार यूनिटों तक फैल गया, जिससे आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई।
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब राहत एवं बचाव कार्य के दौरान दूसरा विस्फोट हो गया। इस दूसरे धमाके में पुलिस, दमकल, राजस्व विभाग और रेस्क्यू टीम के करीब 13 सदस्य घायल हो गए, हालांकि किसी की हालत गंभीर नहीं बताई गई है।
प्रशासन ने मामले की जांच के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया है और एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फैक्ट्री मालिकों समेत जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
फिलहाल हादसे की सटीक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन आशंका है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और ज्वलनशील पदार्थों के गलत प्रबंधन के कारण यह विस्फोट हुआ। विशेषज्ञों की टीम तकनीकी जांच में जुटी है।
मुख्यमंत्री M. K. Stalin ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मंत्रियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
