अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग का खुलासा, 164 गिरफ्तार; प्रति अभ्यर्थी 15 लाख वसूली का आरोप
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में जेल में बंद 28 आरोपियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए जमानत की गुहार लगाई है। आरोपियों ने अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। इससे पहले बुधवार को भी 20 आरोपियों ने जमानत के लिए आवेदन किया था।
164 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस ने बीते शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 164 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सभी को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जांच के दौरान एक बड़े अंतरराज्यीय पेपर लीक और सॉल्वर गैंग का खुलासा हुआ है।
गिरोह के मुख्य सरगना और महिलाओं की भूमिका
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के मुख्य आरोपियों में अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस नेटवर्क में 7 महिलाओं की संलिप्तता भी सामने आई है, जो अलग-अलग स्तर पर गिरोह की मदद कर रही थीं।
15 लाख लेकर रटवाए जाते थे प्रश्न-उत्तर
जांच में खुलासा हुआ है कि गैंग के एजेंट अभ्यर्थियों से प्रति व्यक्ति 15-15 लाख रुपये वसूलते थे। इसके बदले उन्हें परीक्षा के प्रश्न और उत्तर पहले से रटवाए जाते थे। इसके लिए अभ्यर्थियों को रांची के रड़गांव में इकट्ठा किया गया था, जहां उन्हें पूरी तैयारी कराई जाती थी।
मोबाइल, एडमिट कार्ड और चेक तक कब्जे में
गिरोह अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड अपने कब्जे में ले लेता था, ताकि कोई जानकारी बाहर न जा सके। इतना ही नहीं, कई अभ्यर्थियों से सुरक्षा के तौर पर आरोपियों के नाम पर बैंक चेक भी लिए गए थे।
तमाड़ थाना में मामला दर्ज
इस पूरे प्रकरण को लेकर तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
