लोहरदगा : जिले के पेशरार थाना क्षेत्र के केकरांग बरटोली गांव में अंधविश्वास की दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों—पति, पत्नी और 9 वर्षीय बच्चे—की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आशंका जताई जा रही है कि यह हत्या जादू-टोना (डायन-बिसाही) के संदेह में की गई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मृतक परिवार पर लंबे समय से गांव के कुछ लोग तांत्रिक गतिविधियों का आरोप लगाकर मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न कर रहे थे। इस विवाद को लेकर पहले एक पंचायत भी बुलाई गई थी, लेकिन समाधान नहीं निकल सका।
रात में घुसकर दिया वारदात को अंजाम
घटना की चश्मदीद और मृतकों की बहू सुखमनिया नगेशिया ने बताया कि बीती रात उनके सास, ससुर और नाबालिग देवर घर में सो रहे थे, तभी गांव के कुछ लोगों ने घर में घुसकर उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने कुल्हाड़ी और अन्य हथियारों से हमला कर तीनों की निर्मम हत्या कर दी। इस दौरान सुखमनिया को एक कमरे में बंद कर दिया गया, जिससे वह शोर मचाने के बावजूद मदद नहीं मांग सकीं।
पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की तलाश जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। किस्को एसडीपीओ वेदांत शंकर घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में अंधविश्वास के चलते हत्या की बात सामने आई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
अंधविश्वास के खिलाफ सख्त कार्रवाई की ज़रूरत
यह वारदात न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि समाज में अभी भी फैले अंधविश्वास और कुप्रथाओं पर भी गहरी चिंता जताती है। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई कर दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा दिलाई जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


