धनबाद। केंदुआ में जहरीली गैस रिसाव की गंभीर घटना के बाद शनिवार को झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार और डीजीपी तदाशा मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। मुख्य सचिव ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और विस्थापन व पुनर्वास से जुड़े किसी भी फैसले में जनसहमति अनिवार्य होगी। किसी को जबरन नहीं हटाया जाएगा।मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर पूरी टीम भेजी गई है।
तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। मौके पर आईएसएम और सिंफर की टीम ने गैस की जांच की, जिसमें 2000 पीपीएम से अधिक कार्बन मोनोऑक्साइड पाई गई। जमीन के नीचे लगी आग के कारण मिथेन गैस बनने की भी पुष्टि हुई है।
तकनीकी टीम के अनुसार गैस को सीधे बाहर निकालना खतरनाक है, इसलिए प्रभाव कम करने के लिए जमीन के अंदर नाइट्रोजन डाली जा रही है और लगातार थर्मल मैपिंग की जा रही है।
गौरतलब है कि 3 दिसंबर को केंदुआ के कई इलाकों में गैस रिसाव हुआ था, जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई थी और 40 से अधिक लोग बीमार पड़े थे।
घटना के बाद राहत शिविर और मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जबकि गैस रिसाव रोकने का काम जारी है।


