
संजीत यादव
रांची : झारखंड के विभिन्न जेलों में इस बार भी आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। राज्य के कुल 56 बंदी छठ व्रत कर रहे हैं, जिनमें 25 महिला बंदी और 31 पुरुष बंदी शामिल हैं।
जेल प्रशासन ने इन सभी व्रतधारी बंदियों के लिए पूजा-पाठ और व्रत सामग्री की विशेष व्यवस्था की है, ताकि वे भी परंपरा और भावना के साथ सूर्य देव की आराधना कर सकें।
जेलों में छठ व्रत करने वाले कैदियों के लिए संपूर्ण पूजन सामग्री, नए वस्त्र, नैवेद्य सामग्री, फल, सूप-दौरा, दीपक आदि उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, अर्घ्य अर्पण स्थल पर प्रकाश और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था भी की गई है, जिससे व्रती बंदियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
छठ महापर्व के अवसर पर जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने सभी बंदियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छठ पर्व आस्था, स्वच्छता और आत्मशुद्धि का प्रतीक है। जेल में रह रहे व्रती बंदियों के लिए यह आत्मचिंतन और सकारात्मक बदलाव का अवसर भी है। सभी को मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं।
रांची, पलामू, धनबाद, हजारीबाग, बोकारो, गिरिडीह, दुमका, और लातेहार जेल समेत कई स्थानों पर महिला और पुरुष बंदी पारंपरिक विधि-विधान से छठ पूजा कर रहे हैं। जेल प्रशासन की ओर से व्रतियों को हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। छठ घाट की तरह ही जेल परिसरों में भी इस बार दीपों की रोशनी और भक्ति गीतों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा है।




