पलामू। चियांकी के शतयारी टोला स्थित जमीन को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर विवेक रंजन तिवारी ने प्रेस रिलीज जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह निराधार, भ्रामक और तथ्यहीन हैं।विवेक रंजन तिवारी ने बताया कि उन्होंने चियांकी के शतयारी टोला में खाता संख्या 56, प्लॉट संख्या 1975, रकबा 1.54 डी भूमि विधिवत रूप से खरीदी है।
यह जमीन पूरी तरह रैयती भूमि है और इसका विधिवत दस्तावेज उनके पास उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि इसी जमीन पर उन्होंने अपने अधिकार के तहत बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया है, जो पूरी तरह वैधानिक है।उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
विवेक रंजन तिवारी के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्व और कथित नेता उनसे ब्लैकमेलिंग के जरिए पैसे की मांग कर रहे हैं। दबाव बनाने के उद्देश्य से उनके खिलाफ गलत खबरें प्रकाशित कराई जा रही हैं, ताकि डर का माहौल बनाकर उनसे अवैध रूप से धन वसूला जा सके।
विवेक रंजन तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस जमीन को लेकर आदिवासी समाज से जुड़ा मामला कोर्ट में लंबित बताया जा रहा है, वह जमीन खाता संख्या 128, प्लॉट संख्या 1981 से संबंधित है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उक्त भूमि से उनका या उनके परिवार का कोई भी संबंध नहीं है।
इसके बावजूद जानबूझकर उनके नाम को विवाद से जोड़ा जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है।उन्होंने कहा कि समाज में भ्रम फैलाकर कुछ लोग राजनीतिक और आर्थिक लाभ उठाना चाहते हैं। ऐसे लोग न केवल उन्हें बल्कि प्रशासन और समाज को भी गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
विवेक रंजन तिवारी ने मीडिया से अपील की कि किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच अवश्य करें, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति की छवि धूमिल न हो। अंत में विवेक रंजन तिवारी ने कहा कि वे कानून और प्रशासन पर पूरा भरोसा रखते हैं।
यदि ब्लैकमेलिंग और गलत खबरें फैलाने का सिलसिला नहीं रुका तो वे संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को बाध्य होंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि सच्चाई जल्द ही सबके सामने आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा।

