रंका: रंका अंचलाधिकारी (CO) शिवपूजन तिवारी पर प्रतिबंधित एवं सीएनटी श्रेणी की जमीन का म्यूटेशन करने, रिश्तेदारों के नाम अवैध रूप से जमीन हस्तांतरित कराने और भ्रष्टाचार से संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इन सभी आरोपों से संबंधित दस्तावेज एवं सबूत एसीबी को उपलब्ध कराए गए हैं।
सेण्टर फॉर आरटीआई के अध्यक्ष पंकज यादव ने एसीबी को भेजे पत्र में बताया कि संस्था को रंका अंचल में सीओ द्वारा बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और अनियमितता की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। आरोप है कि सीओ शिवपूजन तिवारी ने रिश्वत लेकर कई प्रतिबंधित और सीएनटी एक्ट से संरक्षित जमीनों का म्यूटेशन तय समय में कर दिया, जबकि एलआरडीसी के आदेश के बावजूद कई वैध रैयती जमीनों के म्यूटेशन लंबित रखे गए।
सबसे गंभीर मामला म्यूटेशन केस नंबर 224/2022–2023 का बताया गया है, जिसे खरीदी गई जमीन से अधिक रकबा दिखने के कारण तत्कालीन सीओ ने अस्वीकृत कर दिया था। लेकिन आरोप है कि शिवपूजन तिवारी ने बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और नियमों को दरकिनार करते हुए इस मामले को सुधार कर अवैध रूप से म्यूटेशन कर दिया।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि—सीओ बिना घूस लिए कोई भी म्यूटेशन या भूमि संबंधी कार्य नहीं करते। कंप्यूटर ऑपरेटर ओम प्रकाश गुप्ता के फोन नंबर पर घूस की राशि भेजी जाती है। उनकी और पत्नी के बैंक खातों की जांच से कई लेन-देन स्वतः स्पष्ट हो सकते हैं। कार्यालय में शाहिद अंसारी नामक व्यक्ति को आम जनता से वसूली कराने के लिए रखा गया है।रजिस्टर-2 में छेड़छाड़ और जमीन दुरुस्ती के लिए संजय तिवारी नामक व्यक्ति को नियुक्त किया गया है, जबकि वह अंचल कर्मी नहीं हैं।
सीसीटीवी फुटेज में भी उनकी नियमित मौजूदगी देखी जा सकती है। पत्थर खनन पट्टा के लिए NOC जारी करने में भी गंभीर अनियमितताओं के आरोप हैं। पंकज यादव ने दावा किया कि सीओ ने पिछले तीन वर्षों में भ्रष्टाचार से अर्जित धन से रांची सहित अन्य स्थानों पर अपने और रिश्तेदारों के नाम कई अचल संपत्तियाँ खरीदी हैं।
उन्होंने कहा कि वे एसीबी को अन्य आवश्यक दस्तावेज और सबूत उपलब्ध कराने को तैयार हैं।अंत में उन्होंने एसीबी से अनुरोध किया है कि रंका के अंचलाधिकारी शिवपूजन तिवारी के पूरे कार्यकाल की विस्तृत जांच की जाए और उनके एवं उनके परिजनों द्वारा अर्जित अवैध संपत्तियों की पड़ताल की जाए।

