रांची। रांची पुलिस ने धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता हुए दो मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका को सकुशल बरामद कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। बुधवार सुबह रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके से दोनों बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बिहार के औरंगाबाद जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इन बच्चों का पता बताने वालों के लिए रांची पुलिस ने कुल चार लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी।
यह पूरी कार्रवाई रांची जोनल आईजी मनोज कौशिक की मॉनिटरिंग और एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में बनी विशेष टीम ने अंजाम दी। टीम के लगातार प्रयासों और निगरानी के बाद बच्चों के ठिकाने का पता चला और एक सफल ऑपरेशन चलाकर उन्हें सुरक्षित वापस लाया गया।
डीजीपी का बड़ा खुलासा: “यह सिर्फ अपहरण नहीं, मानव तस्करी का इंटर-स्टेट नेटवर्क”
बच्चों की बरामदगी के बाद झारखंड पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल अपहरण तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव तस्करी से जुड़े एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट की ओर संकेत करता है।
डीजीपी ने कहा—“कई और चेहरे इसमें शामिल हो सकते हैं। जांच जारी है, जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा।
इस अभियान में शामिल सभी अधिकारियों और जवानों को उनके साहस और तत्परता के लिए सम्मानित किया जाएगा। ”मिशन मोड में काम कर रही थी पुलिस टीमएसएसपी राकेश रंजन, सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक की विशेष निगरानी में पुलिस की कई टीमें लगातार कई जिलों में छापेमारी कर रही थीं।
तकनीकी विश्लेषण, गुप्त सूचना और जमीनी इनपुट के आधार पर रात भर सर्च ऑपरेशन चलता रहा। अंततः चितरपुर से बच्चों को सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया।पूरे राज्य में राहत, पुलिस टीम का मनोबल बढ़ाबच्चों की सुरक्षित बरामदगी के बाद पूरे राज्य में राहत की भावना देखी जा रही है। रांची पुलिस की इस उपलब्धि ने आम लोगों के मन में पुलिस पर भरोसा और मजबूत किया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर अन्य जुड़े लोगों की पहचान में जुट गई है।


