रांची : राजधानी में लोक आस्था का महापर्व छठ बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने के साथ चार दिवसीय पर्व का समापन हुआ। सुबह से ही शहर के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।
डीसी ने किया सूर्य को अर्घ्य अर्पित
रांची के उपायुक्त–सह–जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने अपनी पत्नी के साथ हटनिया तालाब छठ घाट पर पहुंचकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। उन्होंने जिले के नागरिकों की सुख-शांति, समृद्धि और स्वस्थ जीवन की मंगलकामना की। डीसी ने कहा कि छठ महापर्व हमारी संस्कृति, अनुशासन और एकता का प्रतीक है, जो समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करता है।

घाटों पर चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था
जिला प्रशासन ने सभी प्रमुख घाटों पर दंडाधिकारियों, पुलिस बल, महिला सुरक्षा कर्मियों, NDRF और SDRF की तैनाती की थी। संवेदनशील घाटों पर निगरानी के लिए CCTV कैमरे और ड्रोन का उपयोग किया गया।स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी प्रमुख घाटों पर एम्बुलेंस और मेडिकल टीम तैनात रही। नगर निगम ने घाटों की सफाई, चूना छिड़काव और प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की। श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल और शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

यातायात पर रही कड़ी नजर
छठ पर्व के दौरान यातायात सुचारू रहे, इसके लिए वन-वे व्यवस्था और अस्थायी पार्किंग की सुविधा दी गई। पुलिस और ट्रैफिक विभाग के कर्मी लगातार मुस्तैद रहे ताकि किसी प्रकार की भीड़भाड़ या अव्यवस्था न हो।

शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ महापर्व
पूरे जिले में छठ पूजा का आयोजन शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन की तैयारियों की सराहना की और उनके प्रति धन्यवाद व्यक्त किया।
सहयोगियों को दिया धन्यवाद
उपायुक्त ने केंद्रीय शांति समिति, पूजा समितियों, स्वयंसेवी संगठनों और मीडिया प्रतिनिधियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके सहयोग से पूरे जिले में छठ पर्व शांति और स्वच्छता के साथ सम्पन्न हो सका।साथ ही उन्होंने पर्व के दौरान ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों, पुलिस बल, स्वास्थ्यकर्मियों, सफाईकर्मियों और स्वयंसेवकों के समर्पण की भी प्रशंसा की।


