रांची: मानव तस्करों से मुक्त कराए गए अंश कुमार (5) और उसकी बहन अंशिका कुमारी (4) के परिजन अब भी सरकारी सहायता का इंतजार कर रहे हैं। 14 जनवरी को रजरप्पा थाना क्षेत्र से दोनों बच्चों की सकुशल बरामदगी के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परिवार को सभी जरूरी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया था, लेकिन ज़मीनी स्तर पर अब तक ठोस मदद नहीं मिली है।
परिजनों के मुताबिक, प्रशासनिक अधिकारियों ने मुफ्त शिक्षा, रोजगार, आवास और राशन कार्ड जैसी सुविधाओं का आश्वासन दिया था, पर फिलहाल केवल आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया ही शुरू हो पाई है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए हालात लगातार मुश्किल बने हुए हैं।
वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि परिवार के बिहार निवासी होने के कारण कुछ योजनाओं में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं, हालांकि बच्चों को यथासंभव लाभ देने की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद मदद में हो रही देरी ने प्रशासनिक संवेदनशीलता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब परिवार को सरकारी सहायता के जमीन पर उतरने का इंतजार है।

