पलामू: झारखंड के पलामू जिले में सरकारी धान खरीदी व्यवस्था (PAX) में भारी धांधली का मामला प्रकाश में आया है। सतबरवा प्रखंड के धावाडीह गांव में नियमों को ताक पर रखकर एक रसूखदार परिवार द्वारा 1420 क्विंटल धान का फर्जी पंजीकरण कराने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
पैक्स अध्यक्ष के ही परिवार ने घेरा सिस्टम
जांच में सामने आया कि ग्रामीण सूबेदार साव के परिवार के 11 सदस्यों के नाम पर धान का पंजीकरण कराया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि सूबेदार साव की बहू चंपा देवी स्वयं पैक्स अध्यक्ष हैं।
परिवार के तीन बेटों—ललन साव, अरुण कुमार और विजय साव—ने मिलकर दिसंबर 2025 में ही लगभग 570 क्विंटल धान बेचकर भुगतान भी प्राप्त कर लिया है।88 एकड़ जमीन का पेचनियमों के अनुसार, 1420 क्विंटल धान के पंजीकरण के लिए परिवार के पास कम से कम 88 एकड़ कृषि भूमि के वैध दस्तावेज होने अनिवार्य हैं।
प्रथम दृष्टया परिवार के पास इतनी भूमि उपलब्ध नहीं दिख रही है, जिससे सरकारी पोर्टल और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आम किसानों में भारी आक्रोश
एक ओर जहां धावाडीह पैक्स के 261 सामान्य किसान धान की धीमी खरीद प्रक्रिया से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रसूखदारों द्वारा फर्जी तरीके से कोटा हड़पने की खबर से क्षेत्र में रोष व्याप्त है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अब तक कुल 4,796 क्विंटल धान की खरीद हुई है, जिसमें बड़ा हिस्सा इसी एक परिवार का है।

