रांची :पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के चीफ इंजीनियर निरंजन कुमार की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही हैं। विभाग के निलंबित उच्चवर्गीय लिपिक संतोष कुमार द्वारा विभागीय अपर सचिव को सौंपे गए एक विस्तृत शपथपत्र ने निरंजन कुमार और उनके परिवार की कथित अघोषित संपत्तियों का ऐसा ब्यौरा खोला है, जिसने पूरे विभाग में हलचल मचा दी है।
शपथपत्र के अनुसार, निरंजन कुमार और उनके परिवार के पास 300 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति मौजूद है। इसमें रांची सहित कई अन्य शहरों में जमीन-जायदाद, आलीशान मकान और भारी निवेश का उल्लेख किया गया है। सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह सामने आई है कि निरंजन कुमार की पत्नी निवेदिता सिन्हा चार बड़े ब्रांडेड वस्त्र निर्माण कंपनियों के शोरूम की मालकिन हैं। इन शोरूम की अनुमानित बाजार कीमत भी करोड़ों में बताई गई है।
ईडी को दिए गए कागजात भी किए शामिल
संतोष कुमार ने अपने शपथपत्र के साथ उन दस्तावेजों की प्रतियां भी प्रस्तुत की हैं, जिनमें ईडी को निरंजन कुमार और उनकी पत्नी द्वारा पहले दिए गए बयान दर्ज हैं। इन दस्तावेजों में कथित संपत्तियों का सिलसिलेवार विवरण दिया गया है, जिससे आरोपों को और मजबूती मिलती है।
मूल निवासी और जाति प्रमाणपत्र पर भी सवाल
शपथपत्र में यह भी दावा किया गया है कि निरंजन कुमार मूल रूप से बिहार के भागलपुर के निवासी हैं, लेकिन उन्होंने सरकारी सेवा में प्रवेश के दौरान स्वयं को चाईबासा का मूल निवासी बताया। आरोप यह भी है कि उन्होंने जाति प्रमाणपत्र भी फर्जी तरीके से प्राप्त किया था।
इंजीनियरिंग डिग्री पर उठे सवाल
संतोष कुमार ने यह भी उल्लेख किया है कि निरंजन कुमार की इंजीनियरिंग डिग्री संदिग्ध प्रतीत होती है। विभागीय पत्राचार में अंग्रेजी के सामान्य शब्दों की गलतियां इसका उदाहरण बताते हुए कहा गया है कि उनकी शैक्षणिक योग्यता की भी जांच आवश्यक है।
1997 से सेवा में, अब घिर सकते हैं बड़ी कार्रवाई में
निरंजन कुमार वर्ष 1997 में तत्कालीन बिहार सरकार में सेवा में आए थे। अब यह शपथपत्र उनके विरुद्ध विभागीय और जांच एजेंसियों की कार्रवाई को नए सिरे से तेज कर सकता है। विभाग में भी इस पूरे मामले को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। शपथपत्र के सामने आने के बाद विभाग में यह चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ी जांच और कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

