रांची : धनबाद के बहुचर्चित नीरज सिंह हत्याकांड में बरी किए गए पूर्व भाजपा विधायक संजिव सिंह समेत दस अभियुक्तों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। झारखंड हाई कोर्ट ने विशेष MP/MLA कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर अपील को एडमिट करते हुए निचली अदालत से पूरे मामले का रिकॉर्ड तलब कर लिया है। साथ ही सभी दसों आरोपियों को नोटिस जारी किया गया है।
धनबाद की विशेष अदालत ने 27 अगस्त 2025 को सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए नीरज सिंह के ड्राइवर घोल्टू की पत्नी मीना देवी ने हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। नीरज सिंह के साथ घोल्टू की भी हत्या हुई थी।
शुक्रवार को झारखंड हाई कोर्ट के रिवीजन बेंच-1 में न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई की।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह ने दलील दी कि बरी किए गए आरोपी प्रभावशाली हैं, केस रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर सकते हैं और कुछ आरोपियों के दूसरे राज्यों में होने के कारण उनके फरार होने की आशंका भी है। इसलिए ट्रायल कोर्ट का फैसला पुनः जांच योग्य है।
हाई कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद अपील को स्वीकार किया और निचली अदालत से समस्त दस्तावेज एवं आदेशों की प्रतियां तलब कर ली हैं। साथ ही सभी बरी किए गए अभियुक्तों को नोटिस भेजते हुए जवाब मांगने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि 21 मार्च 2017 की शाम धनबाद के स्टील गेट क्षेत्र में तब सनसनी फैल गई थी, जब बाइक सवार चार हमलावरों ने कांग्रेस नेता और पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह, उनके ड्राइवर घोल्टू, निजी सहायक और सुरक्षा प्रभारी पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। चारों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।
अब हाई कोर्ट में शुरू हुई यह नई कानूनी प्रक्रिया इस बहुचर्चित केस में नया मोड़ लाने वाली मानी जा रही है।


