रांची: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की माओवादी संगठन से बातचीत से इंकार करने और हाल की मुठभेड़ों में अपने साथियों के मारे जाने के बाद माओवादियों ने बुधवार से अपने प्रतिरोध सप्ताह की शुरुआत कर दी है। यह सप्ताह 14 अक्टूबर तक चलेगा, जबकि 15 अक्टूबर को छः राज्यों में एक दिवसीय बंद का भी आह्वान किया गया है। प्रभावित राज्यों में झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, ओड़िशा और छत्तीसगढ़ शामिल हैं।माओवादियों के इस सप्ताह और बंद को देखते हुए झारखंड पुलिस अलर्ट पर है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को गश्त तेज करने, खुफिया तंत्र सक्रिय करने, सूचनाओं का सत्यापन करने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के निर्देश दिए हैं। आइजी अभियान डा. माइकल राज एस. ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में कहा कि पुलिस माओवादियों की किसी भी साजिश को विफल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।पुलिस ने संवेदनशील स्थानों, सरकारी कार्यालयों, रेलवे व सड़क मार्गों पर पर्याप्त बल तैनात किया है। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि वे निर्भिक होकर रोजमर्रा का कार्य करें और किसी भी समस्या की तुरंत सूचना पुलिस को दें। अफवाहों पर ध्यान न देने की भी जनता से अपील की गई है। बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर झारखंड-बिहार सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। सीमा सील रखी जाएगी और अवैध शराब, मादक पदार्थ व काले धन के आवागमन को रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी और चेक-पोस्ट लगाए जाएंगे। आइजी अभियान ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी सुरक्षा इंतजाम पुख्ता किए गए हैं ताकि चुनाव में किसी तरह की बाधा न आए और जनता सुरक्षित रहे।

