लोहरदगा : जिले के पेशरार थाना क्षेत्र के केकरांग बरटोली गांव में बुधवार रात हुए दिल दहला देने वाले ट्रिपल मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अंधविश्वास की आग में झुलसे इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लोहरदगा के एसपी सादिक अनवर रिजवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी।
घटना के अनुसार, गांव के ही कुछ लोगों ने डायन बिसाही और ओझा-गुणी के संदेह में बिफनी नगेसिया, उनके पति लक्ष्मण नगेसिया और 9 वर्षीय बेटे रामविलास नगेसिया की कुदाल और पत्थर से बेरहमी से हत्या कर दी।
हत्या के पीछे अंधविश्वास
मुख्य आरोपी सुखनाथ नगेसिया को मृतका बिफनी नगेसिया पर यह शक था कि उनके ओझा-गुणी के कारण उसकी पत्नी का गर्भपात हुआ और वह लगातार बीमार रहती है। वहीं दूसरा आरोपी बिंदेश्वर नगेसिया भी अपनी मां की बीमारी का कारण बिफनी को मानता था। दोनों ने मिलकर संचारवा नगेसिया की मदद से इस वारदात को अंजाम दिया।
अहम सबूतों के साथ खुला राज
पुलिस ने तीनों आरोपियों – सुखनाथ नगेसिया, बिंदेश्वर नगेसिया और संचारवा नगेसिया – को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के निशानदेही पर पुलिस ने खून से सने कपड़े, पत्थर, कुदाल और एक बैट भी बरामद किया है, जिनका इस्तेमाल हत्या में किया गया था।
हाईकोर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान
घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान (Suo Moto Cognizance) लिया है। यह घटना राज्य में अभी भी व्याप्त अंधविश्वास और कुरीतियों की भयावह सच्चाई को उजागर करती है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था, जिसकी सक्रियता से महज कुछ ही दिनों में पूरे मामले का पर्दाफाश कर तीनों हत्यारों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया।


