ताज़ा खबरें

Copyright © 2025 swatantraawaj.com . All Right Reserved.

सुनिए सरकार: ट्रेनिंग पूरी, रैंक मिला लेकिन जिम्मेदारी अधूरी – झारखंड के 39 डीएसपी एक साल से पोस्टिंग के इंतजार में

रांची: झारखंड पुलिस के वर्दीधारी बाबुओं का दर्द अब खुलकर सामने आ रहा है। राज्य के 7वें बैच के 39 सीनियर डीएसपी (प्रशिक्षु डीएसपी) ने ट्रेनिंग पूरी किए एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आज तक अपनी विधिवत पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। वर्दी पर सितारे और डीएसपी का पद तो मिल गया, लेकिन काम और जिम्मेदारियां अब भी इंस्पेक्टर जैसी ही निभानी पड़ रही हैं। वहीं, सुविधाओं और अधिकारों के मामले में भी वे खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।

7 वें बैच के 39 डीएसपी को उम्मीद थी कि प्रशिक्षण के बाद उनकी भूमिका और सुविधाएं बेहतर होंगी। लेकिन हकीकत यह है कि उन्हें न तो डीएसपी स्तर का कार्यालय, वाहन या आवास मिला और न ही प्रशासनिक अधिकार।

• इन डीएसपी को अभी तक सरकारी आवास नहीं मिला।

• वाहन और स्टाफ की व्यवस्था अधूरी।

• वेतन डीएसपी वाला पर काम इंस्पेक्टर वाला है।

• अधिकार और दायित्व स्पष्ट नहीं।

सूत्र बताते हैं कि इस स्थिति से कई डीएसपी निराश हैं। प्रमोशन के बाद भी जब काम का स्वरूप नहीं बदला और सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो उनका मनोबल गिरने लगा है। यही वजह है कि वे अब सरकार और पुलिस मुख्यालय से सकारात्मक कदम उठाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

पुलिस सुधार पर लंबे समय से चर्चा होती रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात ज्यादा नहीं बदले हैं। अब सवाल यह है कि क्या सरकार इन 39 डीएसपी की दुविधा को दूर करेगी और उन्हें उनके पद के अनुरूप सुविधा और अधिकार दिलाएगी?

पुलिस मुख्यालय से लेकर गृह विभाग तक फाइल अटकी हुई बताई जा रही है। जिलों और अनुमंडलों में डीएसपी स्तर पर कई पद रिक्त हैं, लेकिन इन प्रशिक्षु अधिकारियों को वहां चार्ज नहीं दिया गया। नतीजा यह कि ये अफसर सिर्फ नाम के डीएसपी बनकर रह गए हैं।

इन प्रशिक्षु डीएसपी का कहना है कि ट्रेनिंग के दौरान उनसे राज्य की कानून-व्यवस्था संभालने की पूरी तैयारी कराई गई थी। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी जब उन्हें फील्ड में उतरने का मौका नहीं मिल रहा, तो उनका मनोबल टूट रहा है।

अब इन अधिकारियों ने सरकार से अपील की है कि उन्हें जल्द से जल्द उनके पद और गरिमा के अनुरूप पोस्टिंग दी जाए। ताकि वे जनता की सेवा करने और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी निभाने में अपनी भूमिका साबित कर सकें।

विभागीय अधिकारियों की मानें तो उनकी सूची तैयार है, ऊपर से हरी झंडी मिलते ही स्थानांतरण-पदस्थापन संबंधित प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। स्थानांतरण-पदस्थापन की सूची में जो पहले से डीएसपी का पद संभाल रहे हैं, उनका भी नाम रहेगा। वैसे डीएसपी भी कहीं न कहीं स्थानांतरित होंगे। विभाग में इस बात की चर्चा है कि करीब 200 डीएसपी का स्थानांतरण-पदस्थापन होना है, जिसकी सूची पर गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग व विभागीय मंत्री की स्वीकृति ली जानी है।

Tags :

मुख्य समाचार

लोकप्रिय ख़बरें

स्वतंत्र आवाज़ — आपकी आवाज़, आपके मुद्दे। देश, राज्य और स्थानीय स्तर की निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरें, अब आपकी भाषा में।

ताज़ा खबरें

लोकप्रिय समाचार

Copyright © 2025 Swatantrawaj.com  All Right Reserved.