रांची: झारखंड में चर्चित शराब घोटाले की जांच में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में सोमवार को एसीबी ने जमशेदपुर के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी से करीब कई घंटे तक पूछताछ की। उल्लेखनीय है कि सत्यार्थी इससे पूर्व राज्य के उत्पाद आयुक्त के पद पर भी तैनात रह चुके हैं।
पूछताछ के दौरान एसीबी अधिकारियों ने उनसे कई अहम पहलुओं पर विस्तृत जानकारी ली। खासतौर पर यह जानने की कोशिश की गई कि उत्पाद आयुक्त रहते उन्होंने प्लेसमेंट एजेंसियों की भूमिका को लेकर क्या कदम उठाए थे। उनसे यह भी पूछा गया कि एजेंसियों द्वारा सौंपी गई बैंक गारंटियों की उन्होंने जांच कराई थी या नहीं। यदि जांच नहीं हुई, तो इसके कारण क्या थे—इस पर भी स्पष्ट जवाब मांगा गया।
कई बड़े अधिकारी पहले ही जांच के घेरे में
शराब घोटाले में यह पहला मौका नहीं है जब किसी शीर्ष अधिकारी से पूछताछ हुई हो। इससे पहले उत्पाद विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी जांच के दायरे में आ चुके हैं। इस मामले में विभाग के पूर्व सचिव विनय चौबे और अमित प्रकाश की गिरफ्तारी हो चुकी है और दोनों फिलहाल जमानत पर हैं।
पूर्व सचिव मनोज कुमार, मुकेश कुमार और पूर्व उत्पाद आयुक्त फैज अक अहमद से भी एसीबी ने पहले ही पूछताछ पूरी कर ली है।शराब घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई परतें खुलती जा रही हैं। एसीबी की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।


