रांची: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, झामुमो राज्य की सीमा से सटे इलाकों में लगभग 15 विधानसभा सीटों पर दावा करने की तैयारी में है। इन सीटों पर झामुमो का संगठन मजबूत माना जाता है और पार्टी का मानना है कि आदिवासी और मूलवासी मतदाता वहां निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि झामुमो की शीर्ष नेतृत्व स्तर पर इसको लेकर राजद से निर्णायक बातचीत की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे सीटों की संभावनाओं और स्थानीय समीकरणों का ठोस आकलन कर रिपोर्ट तैयार करें। बताया जा रहा है कि झामुमो के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू और विनोद पांडेय को बातचीत की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों नेता आने वाले दिनों में पटना जाकर तेजस्वी यादव से मुलाकात कर सकते हैं। कुछ लोगों को कहना है कि झामुमो का बिहार में यह कदम उसकी राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने की दिशा में है। अगर गठबंधन में सहमति बनती है तो झामुमो पहली बार बिहार में इस पैमाने पर चुनाव लड़ेगा, जिससे सीमावर्ती जिलों में उसकी उपस्थिति और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं।

