
रांची। झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में कथित कमीशन घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तेज कर दी है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने विभाग के करीब एक दर्जन कार्यपालक अभियंता (EE), सहायक अभियंता (AE) और कनीय अभियंता (JE) को पूछताछ के लिए समन जारी किया है।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि टेंडर आवंटन में करीब 3.2 प्रतिशत कमीशन लिया जाता था, जिसमें 1.5 प्रतिशत हिस्सा तत्कालीन मंत्री तक पहुंचने का आरोप है, जबकि बाकी रकम इंजीनियरों और अधिकारियों के बीच बांटी जाती थी।
इस मामले में पहले मंत्री आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल के नौकर के घर से 32.20 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। ईडी अब तक 22 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और इंजीनियरों की भूमिका की जांच जारी है।
