रांची। झारखंड में अगले वर्ष फरवरी में प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान फर्जी या अपूर्ण दस्तावेज देने वाले मतदाताओं पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। राज्य में मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए वर्ष 2003 की सूची से पैरेंटल मैपिंग, मतदान केंद्रों की जियो-फेंसिंग और रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया जारी है।
अब तक की पैरेंटल मैपिंग में करीब 12 लाख मतदाता चिह्नित किए गए हैं, जिनके नाम आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करने की स्थिति में मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने अन्य राज्यों में सामने आए फर्जी प्रमाणपत्र मामलों के बाद सख्त निर्देश जारी किए हैं। नोटिस मिलने पर मतदाताओं को निर्धारित दस्तावेज जमा करने होंगे, जिन्हें बीएलओ ऐप के जरिए अपलोड किया जाएगा।
दस्तावेजों की जांच संबंधित प्राधिकार से कराई जाएगी और यह प्रक्रिया ईसीआईनेट के माध्यम से पांच दिनों के भीतर पूरी की जाएगी।

