लोहरदगा। रांची–लोहरदगा–टोरी रेलखंड पर कोयल नदी पुल में दरार आने से रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है। इस रूट को लोहरदगा और आसपास के इलाकों की लाइफलाइन माना जाता है, जहां से प्रतिदिन करीब आठ हजार यात्री सफर करते हैं।
रेलवे पुल संख्या 115 के पिलर संख्या चार और पांच में दरार पाए जाने के बाद रविवार सुबह करीब 10:10 बजे ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया। बताया जा रहा है कि एक पिलर में पहले से दरार थी, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं की गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।अचानक ट्रेनें रुकने से लोहरदगा स्टेशन पर सन्नाटा पसर गया, जबकि बस स्टैंड और सड़कों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि खतरे के बावजूद राजधानी एक्सप्रेस और सासाराम एक्सप्रेस को पहले उसी पुल से गुजारा गया, जो रेलवे प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है।
बाद में मेमू ट्रेनों को नगजुआ स्टेशन तक ही सीमित कर दिया गया, जिससे संभावित हादसा टल गया।ट्रेन रद्द और रूट डायवर्टरेलवे ने रांची–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को मेसरा–बरकाकाना–टोरी मार्ग से चलाने का फैसला किया है। वहीं रांची–सासाराम एक्सप्रेस 5 से 7 जनवरी तक और सासाराम–रांची एक्सप्रेस 6 से 8 जनवरी तक रद्द रहेगी।
मेमू ट्रेनें भी 7 जनवरी तक नगजुआ तक ही चलेंगी।रेलवे के अनुसार मरम्मत और सुरक्षा जांच के बाद ही लोहरदगा तक रेल सेवा बहाल होगी, जिसमें 10 दिन तक का समय लग सकता है।


