रांची: पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोकलो थाना क्षेत्र के लांजी पहाड़ी पर डायरेक्शनल बम से सुरक्षा बलों पर हमला करने वाला फरार माओवादी सावन टुटी उर्फ सबन टुटी आखिरकार गिरफ्तार हो गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे केरल के इडुक्की जिले से गिरफ्तार किया है।
एनआइए ने यह कार्रवाई केरल पुलिस के सहयोग से सोमवार को मन्नार क्षेत्र में की। झारखंड से फरार होने के बाद सावन टुटी लंबे समय से वहां छिपा हुआ था। उसके पास से मोबाइल, सिम कार्ड और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनसे उसकी पहचान की पुष्टि हुई है।
सरायकेला-खरसांवा का रहने वाला है माओवादी
गिरफ्तार माओवादी सावन टुटी झारखंड के सरायकेला-खरसांवा जिले का निवासी है। लांजी पहाड़ी पर डायरेक्शनल बम विस्फोट मामले में एनआइए ने पहले ही उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एजेंसी ने चार्जशीट दाखिल करते हुए उसे फरार अभियुक्त घोषित किया था।
तकनीकी निगरानी (technical surveillance) के जरिए एनआइए को उसके केरल के मन्नार इलाके में छिपे होने की सूचना मिली, जिसके बाद एजेंसी ने उसे धर दबोचा।
2021 में हुआ था लांजी पहाड़ी हमला
चार मार्च 2021 को माओवादियों ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोकलो थाना क्षेत्र के लांजी पहाड़ी पर डायरेक्शनल बम (एक प्रकार का इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से सुरक्षा बलों पर हमला किया था।जवान माओवादियों की गतिविधियों की सूचना पर क्षेत्र में तलाशी अभियान के लिए जा रहे थे, तभी इस विस्फोट में झारखंड जगुआर के सिपाही हरिद्वार साह, किरण सुरीन और हवलदार देवेंद्र कुमार पंडित शहीद हो गए थे। वहीं, सीआरपीएफ के एक एएसआइ सहित तीन जवान घायल हुए थे।
घटनास्थल से पुलिस ने तीन फीट लंबी लोहे की पाइप, रबर ट्यूब, बिजली के तार और स्प्लिंटर बरामद किए थे। एनआइए की जांच में बड़ा खुलासाएनआइए ने 24 मार्च 2021 को इस केस को अपने हाथों में लिया था और एनआइए रांची शाखा में नई प्राथमिकी (RC 02/2021/NIA/RNC) दर्ज की थी।
जांच में खुलासा हुआ कि सावन टुटी प्रतिबंधित माओवादी संगठन का सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) था। वह संगठन के शीर्ष कमांडरों के निर्देश पर काम करता था और संगठन की साजिश को अंजाम देने में शामिल था।
एनआइए ने इस मामले में एक करोड़ के इनामी अनल दा उर्फ तूफान, 10 लाख के इनामी महाराज प्रमाणिक सहित 33 नामजद और 20-25 अज्ञात माओवादियों को आरोपित बनाया है। जांच में यह भी सामने आया कि इस हमले की मुख्य साजिश माओवादी जोनल कमांडर महाराज प्रमाणिक ने रची थी। वर्तमान में महाराज प्रमाणिक आत्मसमर्पण कर हजारीबाग के ओपन जेल में बंद है।


