
रांची। झारखंड में नगर निकाय चुनाव की तैयारियां तेज होते ही राज्य निर्वाचन आयोग ने सख़्त दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। नए नियमों के लागू होने के बाद कई संभावित उम्मीदवारों के लिए चुनावी मैदान में उतरना मुश्किल हो जाएगा। आयोग के आदेश सभी जिलों को भेज दिए गए हैं।
उम्र और बच्चों पर सख्ती
वार्ड पार्षद पद के लिए न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और मेयर/अध्यक्ष पद के लिए 30 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके अलावा 9 फरवरी 2013 के बाद तीसरी संतान होने पर उम्मीदवार चुनाव लड़ने के योग्य नहीं रहेगा। जुड़वां और गोद लिए बच्चे भी गिनती में शामिल होंगे।
पुराने जनप्रतिनिधियों पर नजर
पहले निकाय में चुने गए वे सदस्य, जिन्होंने बिना उचित कारण लगातार तीन बैठकें मिस की हैं, दोबारा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
अपराध व वित्तीय गड़बड़ी पर रोक
किसी आपराधिक मामले में छह महीने से अधिक समय से फरार व्यक्ति का नामांकन स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं पिछले चुनाव का खर्च विवरण समय पर जमा नहीं करने वाले प्रत्याशी भी डिबार कर दिए जाएंगे।
बकाया पर नामांकन रद्द
नगर निकाय या जिला प्रशासन का कोई भी टैक्स, शुल्क या किराया बकाया होने पर नामांकन सीधे रद्द कर दिया जाएगा। उम्मीदवार को नो-ड्यूज प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। फरवरी–मार्च 2026 में प्रस्तावित इन चुनावों के लिए आयोग ने सभी जिलों को नियमों के कड़ाई से पालन का निर्देश दिया

