
रांची। लंबे समय से निष्क्रिय पड़े झारखंड सूचना आयोग को लेकर आखिरकार सरकार हरकत में आ गई है। झारखंड हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी और सख्ती के बाद राज्य सरकार ने आयोग को फिर से पूरी तरह सक्रिय करने का भरोसा दिया है। सरकार की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि चार सप्ताह के भीतर सूचना आयोग में रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
दरअसल, राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिसके कारण सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़े हजारों मामले लंबित हो गए हैं। आम नागरिकों को सूचना पाने के लिए महीनों, बल्कि वर्षों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
इस गंभीर स्थिति को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से तीखे सवाल पूछे। अदालत ने साफ कहा कि सूचना आयोग का निष्क्रिय रहना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है और इससे आम जनता के संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
हाईकोर्ट की इस सख्ती के बाद सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया कि चयन समिति की बैठक जल्द बुलाई जाएगी और चार सप्ताह के भीतर नियुक्तियां कर सूचना आयोग को सक्रिय कर दिया जाएगा।
RTI कार्यकर्ताओं और आम लोगों को मिली उम्मीद
सरकार के इस आश्वासन के बाद RTI कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि यदि आयोग फिर से काम करने लगे, तो भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने में बड़ी मदद मिलेगी।अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार अपना वादा समय पर निभाती है या फिर यह मामला भी कागज़ी आश्वासन बनकर रह जाता है।

