रांची। झारखंड में राजभवनों के नामकरण को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। राज्यपाल संतोष गंगवार ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को खारिज करते हुए रांची और दुमका—दोनों राजभवनों का नया नाम ‘लोकभवन’ घोषित कर दिया है। मंगलवार को राजभवन की ओर से इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई।
हेमंत सरकार ने जताया जोरदार विरोध
हेमंत सोरेन सरकार ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि रांची स्थित राजभवन का नाम ‘बिरसा भवन’ और दुमका राजभवन का नाम ‘सिदो-कान्हू भवन’ रखा जाना चाहिए था।वित्त मंत्री डॉ. राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यह प्रस्ताव रखते हुए कहा कि दोनों राजभवन राज्य सरकार की संपत्ति हैं, इसलिए इनके नामकरण का अधिकार भी राज्य सरकार का ही होना चाहिए।
आदिवासी नायकों के नाम पर रखने की थी सरकार की मंशा
सरकार का तर्क था कि भगवान बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू जैसे महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर राजभवनों का नामकरण राज्य की अस्मिता, इतिहास और गौरव से जुड़े निर्णय होंगे।
राज्यपाल ने प्रस्ताव ठुकराया, सीधे किया नाम परिवर्तन
सरकार के प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए राज्यपाल ने दोनों राजभवनों का नाम एक साथ ‘लोकभवन’ घोषित कर दिया। जारी अधिसूचना में इसे “जनता का भवन” बताते हुए औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है।

