रांची : झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) इस चुनाव को सिर्फ शहरी निकायों की सत्ता तक सीमित नहीं मान रही, बल्कि इसे राज्य सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर और भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव मान रही है।
2024 के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच JMM अब गांवों के बाद शहरों में भी निर्णायक दखल की तैयारी में जुट गई है। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने संगठन से लेकर उम्मीदवार चयन तक व्यापक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी की कोशिश है कि हर नगर निकाय में JMM समर्थित उम्मीदवार मैदान में उतारे जाएं।
शहरी इलाकों में संगठन विस्तार प्राथमिकता
अब तक JMM की पहचान ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की पार्टी के रूप में रही है, जबकि शहरी इलाकों में भाजपा और कांग्रेस का प्रभाव अधिक माना जाता रहा है। इस बार पार्टी इस धारणा को तोड़ने की कोशिश में है।इसके लिए वार्ड स्तर तक संगठन को सक्रिय किया जा रहा है और नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा रही है। रांची नगर निगम क्षेत्र में सभी 53 वार्ड समितियों का गठन इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
उम्मीदवार चयन में ‘जिताऊ फैक्टर’ पर जोर
पार्टी नेतृत्व इस बार टिकट वितरण में खास सतर्कता बरत रहा है। स्थानीय लोकप्रियता, सामाजिक समीकरण, साफ छवि और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता को प्रमुख आधार बनाया जा रहा है। साथ ही आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और महिला उम्मीदवारों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की योजना है, ताकि शहरी समाज के हर वर्ग तक पार्टी की पहुंच बनाई जा सके।
एक वार्ड, एक ही कार्यकर्ता
हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची नगर निगम की वार्ड समितियों के साथ बैठक में साफ किया कि नगर निकाय चुनाव औपचारिक रूप से पार्टी आधारित नहीं हैं। इसके बावजूद JMM यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पार्टी कार्यकर्ता मजबूती से चुनावी प्रक्रिया में शामिल हों। निर्णय लिया गया है कि एक वार्ड से पार्टी का केवल एक ही कार्यकर्ता चुनाव लड़ेगा। इसके लिए जिला और नगर कमेटियों को आपसी सहमति बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मेयर और नगर अध्यक्ष पद पर विशेष फोकस
JMM की रणनीति में इस बार मेयर और नगर अध्यक्ष के पद बेहद अहम हैं। पार्टी मानती है कि इन पदों पर जीत से शहरी राजनीति में मजबूत पकड़ बनाई जा सकती है। इसी कारण नगर कमेटियों को आपसी समन्वय और संतुलन बनाकर आगे बढ़ने का निर्देश दिया गया है।
गठबंधन में भी तालमेल की कवायद
महागठबंधन की राजनीति को ध्यान में रखते हुए JMM कांग्रेस और राजद के साथ तालमेल पर भी काम कर रही है। सीट बंटवारे और साझा रणनीति को लेकर अंदरखाने बातचीत जारी है। सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही इंडिया गठबंधन के घटक दलों की बैठक कर इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है, ताकि भाजपा को एकजुट चुनौती दी जा सके।
शहरी जनाधार मजबूत हुआ है : विनोद पांडेय
JMM के महासचिव विनोद पांडेय ने दावा किया कि शहरी क्षेत्रों में पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा,“मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व और सरकार के कामकाज पर लोगों का भरोसा बढ़ा है। पार्टी समर्थित उम्मीदवारों की जीत से संगठन और मजबूत होगा। हमारे कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर लगातार सक्रिय हैं।”नगर निकाय चुनाव में JMM की यह रणनीति आने वाले दिनों में शहरी राजनीति की तस्वीर बदल सकती है।

