
रांची : बिहार चुनाव में महागठबंधन की हार के बाद झारखंड की सत्ताधारी गठबंधन में नए सिरे से चर्चा तेज हो गई है। झामुमो ने बिहार में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद राज्य में गठबंधन की समीक्षा की बात कही थी। अब पार्टी के अंदर इस मुद्दे पर गंभीर विचार-विमर्श जारी है।
इससे राजद खेमे में बेचैनी बढ़ी है, क्योंकि झारखंड सरकार में पार्टी का एक मंत्री शामिल है। राजद को आशंका है कि झामुमो अगर दूरी बनाता है तो उसका राज्य में राजनीतिक आधार कमजोर हो सकता है। हालांकि आधिकारिक रूप से इसे अफवाह बताया जा रहा है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक तेजस्वी यादव ने हेमंत सोरेन से संवाद बढ़ाना शुरू कर दिया है।उधर कांग्रेस भी पूरी तरह सतर्क है।
पार्टी झारखंड में हेमंत सरकार की स्थिरता को लेकर लगातार नजर बनाए हुए है। आलाकमान ने प्रभारी नेताओं से नियमित रिपोर्ट मांगी है ताकि किसी भी प्रकार की खींचतान को समय रहते सुलझाया जा सके।
बिहार में एनडीए की जीत से झारखंड के विपक्ष में ऊर्जा दिख रही है। नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण में शामिल आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने कहा कि बिहार का माहौल झारखंड की राजनीति को भी प्रभावित करेगा और जनता बदलाव के मूड में है।

