गढ़वा : रमकंडा प्रखंड कार्यालय मे सहिया साथी सीमा गुप्ता द्वारा पैसा वसूली के मामले की जांच हुई। रमकंडा बीडीओ संजय कोंगाड़ी की अध्यक्षता व चिकित्सा पदाधिकारी डॉ असजद अंसारी सहित अन्य अधिकारी व मुखिया की उपस्थिति में सहिया से पैसा वसूली मामले की पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान अधिकारीयों ने सहिया की ओर से दिए गए बयान को कलमबद्ध किया। वहीं सहियाओं ने अधिकारीयों के पास सहिया साथी द्वारा पैसा वसूली की बात को पुनः दोहराया है। इस संबंध में बताते चलें कि पिछले दिनों रंका रमकंडा कलस्टर की सहियाओं ने गढ़वा उपायुक्त से शिकायत कर सहिया साथी सीमा गुप्ता,पुनम देवी,उषा देवी,पर ग्रेडिंग के नाम पर पैसा वसूली का आरोप लगाई थी। शिकायत के बाद गढ़वा उपायुक्त ने इस मामले की जांच कर कार्रवाई करते हुए रंका चिकित्सा पदाधिकारी को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। जिसके बाद मामले की जांच शुरू है। जांच के दौरान उपस्थित सहिया ने कही कि अधिकारी मामले की लीपापोती में जुटे हैं। अधिकारी जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रहे है। सहिया साथी सीमा गुप्ता को बचाने के लिए जांच अधिकारी काम कर रहे हैं। अधिकारीयों की ओर से पैसे देने का साक्ष्य मांगा जा रहा है। जबकि पैसा देते समय इसे रिकॉर्ड करना संभव नहीं है। कहा की जब सभी सहियाओं ने सहिया साथी को पैसा दिया है। आज भी अधिकारीयों के पास पैसा देने की बात कही गई है। लेकिन अधिकारी सहिया साथी को बचाने के लिए सहियाओं पर दबाव बनाया जा रहा है। सहिया चिता देवी, अनिता देवी,रीता देवी, सुनीता देवी,बिपति देवी, सोनी देवी,राजकुमारी देवी ने कही है की मामले की लीपापोती के लिए अब अधिकारीयों की ओर से ग्राम सभा का नया नियम बनाया जा रहा है। कहा गया की ग्राम सभा के माध्यम से अब पहले सहियाओं के कार्यप्रणाली की जांच होगी। अब सवाल यह उठता है की जब शिकायत पैसा लेनदेन का है। तो फिर अब ग्राम सभा कर सहिया के कार्यप्रणाली की जांच का क्या मतलब है। इस से साफ जाहिर हो रहा है की अधिकारी इसके जरिये उनपर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। सभी सहियाओ ने कहीं है की फिर से इस मामले में चौथा बार गढ़वा उपायुक्त के पास शिकायत की जायेगी। इस संबंध में पूछे जाने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ असजद अंसारी ने कहा की बीडीओ की अध्यक्षता में मामले की जांच हो रही है। जांच के दौरान जिन सहियाओं ने जो बाते कही है। उनका बयान लिखा गया है। बताया की सहियाओं की ओर से ग्रेंडिंग कम देने संबंधी अन्य शिकायते भी है। जिसकी जांच ग्रामसभा के जरिये होगा। जांच के बाद पूरे मामले की रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दिया जाएगा।


