गढ़वा जिले के रंका प्रखंड में अवैध बालू ढुलाई इन दिनों चरम पर है। गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे भी खुलेआम ट्रैक्टरों से बालू की ढुलाई होती देखी गई। हालात ये हैं कि झारखंड सरकार के नियम-कानून सिर्फ कागज़ों तक सिमट कर रह गए हैं, जबकि बालू माफिया बेखौफ होकर धंधा चमका रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बालू माफिया ट्रैक्टरों से अवैध रेत ढोकर महंगे दामों पर धड़ल्ले से बेच रहे हैं। एक ट्रैक्टर बालू 4500 रुपये में बेचा जा रहा है, और इस पूरे खेल में न तो प्रशासन की नज़र पड़ रही है और न ही कोई कार्रवाई होती दिख रही है।
रंका में सुबह से लेकर देर रात तक ट्रैक्टरों की आवाजाही जारी है। नियम-कानून, प्रतिबंध और सरकारी आदेशों को ताक पर रखकर रेत माफिया खुलेआम तांडव मचा रहे हैं, मगर रोक-थाम के नाम पर जिम्मेदार विभाग पूरी तरह मौन है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन चाहे तो इस गोरखधंधे पर 24 घंटे में रोक लगा सकता है, लेकिन मिलीभगत और लापरवाही के चलते रंका अवैध खनन का केंद्र बन चुका है। सवाल उठता है—क्या प्रशासन कार्रवाई करेगा, या फिर रंका में ऐसे ही अवैध बालू माफिया राज चलता रहेगा

