रांची: शराब आपूर्ति से जुड़े बड़े घोटाले की जांच अब पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त एवं जेएसबीसीएल के पूर्व एमडी रहे आइएएस कर्ण सत्यार्थी तक पहुंच गई है। एसीबी की लगातार पूछताछ ने संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में उनकी मुश्किलें और गहरा सकती हैं।
जवाब से नाखुश एसीबी, तीसरे दिन भी पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, एसीबी अधिकारियों को अब तक कर्ण सत्यार्थी के जवाब संतोषजनक नहीं लगे हैं। इसी वजह से सोमवार और मंगलवार की पूछताछ के बाद उन्हें तीसरे दिन भी अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे वे एसीबी कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए।
फर्जी बैंक गारंटी का मामला बना मुख्य सवाल
एसीबी को अब तक इस बात की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है कि कथित फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर संबंधित प्लेसमेंट एजेंसी को मैनपावर सप्लाई का ठेका कैसे दे दिया गया।
सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि फर्जी दस्तावेज पकड़े जाने के बाद भी न तो केस दर्ज किया गया और न ही एजेंसी या जिम्मेदार अधिकारियों पर किसी तरह की कार्रवाई की गई।
पूछताछ के बाद एसीबी ने उन्हें जाने की अनुमति तो दे दी, लेकिन यह साफ संकेत है कि जांच आगे और सख्ती के साथ बढ़ेगी।


