
कतरास: बीसीसीएल बरोरा एरिया वन अंतर्गत संचालित संजय उद्योग आउटसोर्सिंग परियोजना मे रविवार की दोपहर हुई हैवी ब्लास्टिंग की वजह से उड़े पत्थर के टुकड़े से मोहली बस्ती के कई घर क्षतिग्रस्त हो गए। जिसके बाद ग्रामीण उग्र हो गए और आउटसोर्सिंग कंपनी के विरुद्ध जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
बताते चले कि रविवार की दोपहर लगभग दो बजे बीसीसीएल एरिया वन क्षेत्र अंतर्गत संचालित संजय उद्योग की परियोजना मे हुई हैवी ब्लास्टिंग की वजह से परियोजना के समीप स्थित मोहली बस्ती निवासी कुन्ती देवी मोहली के घर पर लगभग बीस बीस किलो का दो पत्थर का टुकड़ा उड़कर घर के छप्पर पर गिरा, जिससे घर का छत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

कुछ जगहो पर दीवार पर दरारें भी आ गई। इसके अलावा शंकर मोहली और चौहान पट्टी में नंदलाल चौहान, मनोज चौहान का घर भी क्षतिग्रस्त हो गया।जिस समय यह ब्लास्टिंग हुई उस समय लोग अपने अपने घर में और घर के आसपास मे ही थे। संयोग अच्छा रहा कि किसी को कोई चोट नहीं लगी।
अचानक हुई हैवी ब्लास्टिंग की वजह से लोगों में भय व्याप्त है। घटना के बाद ग्रामीण उग्र हों गए और जमकर बवाल मचाया। कुछ लोग बीसीसीएल के वरीय अधिकारियों को मौके पर बुलाने की जिद्द पर अडिग थे। वही घटनाक्रम की खबर पाकर फुलारीटांड पंचायत के मुखिया प्रतिनिधी दिलीप विश्वकर्मा ने ग्रामीणो को समझा बुझा कर मामले को शांत करवाया व ग्रामीणो को आश्वाशन दिया की बहुत जल्द बीसीसीएल प्रबंधन व आउटसोर्सिंग प्रबंधन से बातचीत कर समस्या का हल निकालने का प्रयास करेंगे।

क्या कहते है ग्रामीण?
ग्रामीणों का कहना है कि बीसीसीएल प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी सारे नियमों को ताक पर रख कर उत्खनन का कार्य कर रहे है। आउटसोर्सिंग कंपनी के द्वारा जो हैवी ब्लास्टिंग किया जाता है। उससे पहले न तो सायरन बजाया जाता है और न ही सूचना दी जाती है। जिस स्थान पर उत्खनन का कार्य चल रहा उससे हमारी बस्ती की दूरी मात्र पच्चास से साठ फीट ही है।
जबकि नियम के अनुसार उत्खनन स्थल की आबादी वाले क्षेत्र की दूरी कम से कम पांच सौ मीटर होनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि आउटसोर्सिंग कंपनी और बीसीसीएल प्रबंधन के द्वार बार बार आश्वाशन दिया जाता है पर कुछ किया नहीं जाता आउटसोर्सिंग कंपनी से यदि बात करने के लिए उसके ऑफिस जाइए तो वहां उसके गुंडे ग्रामीणों के साथ मारपीट कर भगा देते है।
पूर्व में भी इस तरह की घटना की पूर्णावृति कई बार की जा चुकी है।कुछ माह पहले भी आउटसोर्सिंग कंपनी के गुंडों के द्वारा ग्रामीणों के साथ मार पीट गई थी। जिसकी लिखित शिकायत मधुबन थाना में की गई थी।इतना समय बीत जाने के बाद भी पुलिस के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई।


