थाने में पिटाई मामले में गृह सचिव, डीजीपी को नोटिस, अधिवक्ता राजीव कुमार पीड़ित की तरफ से कोर्ट में रखेंगे अपना पक्ष
रांची: स्वतंत्र आवाज़ ने कल अपने व्हाट्सएप ग्रुप में गुमला के चैनपुर पुलिस द्वारा तवाबुल चौधरी को थाने में बेरहमी से पीटे जाने का मामला प्रकाश में लाया था। इस प्रकरण पर हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार ने संज्ञान लेते हुए पीड़ित तवाबुल चौधरी के परिजनों से संपर्क कर उन्हें न्याय दिलाने की कोशिश की और न्यायालय के संज्ञान में मामले को लाया।
झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की बेंच ने जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई के बाद अदालत ने गुमला के पुलिस अधीक्षक को चार दिसंबर को सुबह 10:30 बजे मामले का रिकार्ड और चैनपुर थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग लेकर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।
इस संबंध में प्रार्थी नबीजा बीबी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके पति तवाबुल चौधरी को चैनपुर थाने में हिरासत में लेकर उनकी पिटाई की। कोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज करगुमला के चैनपुर थाने में पिटाई के मामले में जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।
गुरुवार को मामले का रिकॉर्ड और सीसीटीवी के फुटेज के साथ हाजिर होंगे एसपी। बिना कारण थाना ले जाकर पिटाई की जांच को लेकर याचिका दायर की गयी है ,अदालत ने मामले में गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, गुमला के एसपी और चैनपुर थाने के प्रभारी को नोटिस जारी किया है।
याचिका में कहा गया है कि चैनपुर पुलिस थाना के प्रभारी अधिकारी ने उनके पति तवाबुल चौधरी को एक दिसंबर को बिना कोई प्राथमिकी दर्ज किए या गिरफ्तारी का कोई कारण बताए, हिरासत में ले लिया।


