मेदिनीनगर। नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज सिंह ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नगर निगम चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनकी प्रबल इच्छा थी कि वे मेयर पद के प्रत्याशी के रूप में सीधे जनता के बीच जाएं, लेकिन आरक्षण की नई व्यवस्था के चलते राजनीतिक परिस्थितियां बदल गईं।
मनोज सिंह ने कहा कि बीते वर्षों में जनता से मिला अपार स्नेह, समर्थन और विश्वास ही उनकी राजनीति की सबसे बड़ी पूंजी रहा है। उन्होंने खुद को राजनीति में शुचिता, नैतिकता और सिद्धांतों का पक्षधर बताते हुए कहा कि केवल चुनाव जीतने के उद्देश्य से अपनी पत्नी या परिवार की किसी महिला सदस्य को ‘डमी कैंडिडेट’ बनाकर जनता पर निर्णय थोपना उन्हें स्वीकार नहीं है।
उन्होंने पूर्व के जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि विकास कार्य कुछ चुनिंदा इलाकों तक ही सीमित रखे गए, जबकि शहर के कई हिस्सों की लगातार उपेक्षा होती रही। नगर निगम क्षेत्र में नए इलाकों के जुड़ने के बावजूद अब तक अपेक्षित विकास नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि कई वार्डों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव है।
मनोज सिंह ने बताया कि इस बार डिप्टी मेयर का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली के तहत पार्षदों के माध्यम से होगा। जनभावनाओं का सम्मान करते हुए उन्होंने इस पद के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है।
इसके लिए वे वार्ड संख्या 21 अथवा 23 से पार्षद का चुनाव लड़ेंगे।उन्होंने कहा कि यदि जनता और पार्षदों का समर्थन मिला तो वे उपेक्षित वार्डों तक विकास की रोशनी पहुंचाने का काम करेंगे। साथ ही नगर निगम की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाया जाएगा, ताकि शहरवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरा जा सके।
