रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर फेसबुक पोस्ट के माध्यम से तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि हेमंत सोरेन ने सत्ता में आते ही अपने राजनीतिक विरोधियों से निजी दुश्मनी निकालने का सिलसिला शुरू कर दिया है।
मरांडी ने लिखा कि “हेमंत सोरेन जी ने सत्ता क्या पाई, जैसे खुलेआम दुश्मनी निकालने का लाइसेंस मिल गया। उन्होंने अपने सियासी विरोधियों पर झूठे मुकदमे ठोकने और जेल भेजने का जो गंदा खेल शुरू किया था, अब उसी की नक़ल झारखंड पुलिस के कुछ बेईमान अधिकारी कर रहे हैं।”
उन्होंने खूँटी जिले के एक दरोगा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने अपने बिहार स्थित पैतृक जमीन विवाद में दूसरे पक्ष को झारखंड में ही अफीम की खेती के फर्जी केस में फंसा दिया। मरांडी ने कहा कि झारखंड पुलिस के कुछ अफसर कानून को अपनी जेब में रखकर मनमानी कर रहे हैं और इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व “गैर-संवैधानिक डीजीपी” का संरक्षण मिला हुआ है।
मरांडी ने यह भी लिखा कि “जो लोग झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, उन्हें चुप कराने, डराने और परेशान करने का काम कुछ अफसरों ने धंधा बना लिया है। हाल ही में सीआईडी में एसआईटी जांच के नाम पर जमीन मामलों में जो लूट हुई, वह किसी से छिपी नहीं है।”
उन्होंने हेमंत सोरेन को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें थोड़ी भी शर्म बची है तो किसी ईमानदार अधिकारी से इन भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की संपत्ति की जांच कराएं। इससे जनता को भी पता चलेगा कि उन्होंने कितनी काली कमाई की है।
मरांडी ने कहा कि कानून का दुरुपयोग करने वाले दरोगा को सिर्फ सस्पेंड करना दिखावा है। दो-चार महीने बाद वही अधिकारी वापस ड्यूटी पर लौट आएंगे और फिर वही गंदा खेल शुरू करेंगे। उन्होंने कहा, “ऐसे भ्रष्ट अफसरों को सस्पेंड नहीं, सीधे जेल भेजिए। इतनी कड़ी सजा दीजिए कि पूरे झारखंड में एक मिसाल कायम हो।”


