रांची: वरिष्ठ आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे सहित सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप में जगरनाथपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में विनय कुमार चौबे, विनय कुमार सिंह, स्निग्धा सिंह, बैंक मैनेजर अरविंद वर्मा, विशाल सिंह, राजेश कुमार सिन्हा और राजीव कुमार झा को आरोपी बनाया गया है।
शिकायतकर्ता दीपक कुमार ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2000 से शुरू हुआ उनका व्यावसायिक संबंध समय के साथ विवाद में बदल गया। 2002 में उन्होंने विनय कुमार सिंह के साथ मिलकर नेक्सजेन सॉल्यूशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड बनाई। बाद में विनय सिंह ने उनका परिचय आइएएस विनय चौबे से कराया, जिन पर कंपनी पर कब्जे की साजिश रचने का आरोप है।
दीपक ने आरोप लगाया कि उनके दूसरी कंपनी फांट सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड में चौबे ने अपने भाई को लाभ पहुंचाया और 2006 में बड़े ऑर्डर मिलने के बाद उनके शेयरों के अवैध हस्तांतरण, जाली हस्ताक्षर बनाकर डायरेक्टर बदलने और बैंक खाते से अनधिकृत निकासी की शुरुआत हुई।
शिकायत में कहा गया है कि फर्जी पत्र भेजकर करोड़ों का नुकसान कराया गया, धमकाकर एमओयू कराया गया, भुगतान नहीं मिला और साजिश कर उन्हें कंपनी से बाहर कर दिया गया। विरोध करने पर उन पर झूठे मुकदमे तक दर्ज कराए गए।दीपक ने हाल ही में अन्य मामलों में गिरफ्तारी की खबरों के बाद यह पूरी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने FIR के आधार पर जांच शुरू कर दी है।


