रांची: रामगढ़ में CCL की सारूबेड़ा परियोजना में हुए कथित घोटाले को लेकर पीड़ित ठेकेदारों और स्थानीय एजेंसियों की नाराजगी अब तेज़ हो गई है। गुजरात की कंपनी कृष्णा इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगे करोड़ों की ठगी और फर्जीवाड़े के आरोपों की CBI, ED और NIA से जांच की मांग अब जोर पकड़ रही है। बावजूद इसके, प्रशासन और CCL प्रबंधन अब तक खामोश है।
कंपनी पर आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर लिया, बिना मशीनरी के काम किया और करोड़ों की पेमेंट ले ली। काम स्थानीय एजेंसियों से करवाया गया, जिन्हें समय पर भुगतान नहीं किया गया। शिकायत करने वालों को धमकी दी गई और फर्जी विवाद खड़ा कर चुप कराने की कोशिश हुई।
KD KARMUR, जो कि कंपनी का संचालन कर रहा है, पर आरोप है कि वह राजनीतिक और बाहुबलियों के सहारे पूरे नेटवर्क को चला रहा है। RAJ YASHI CONSTRUCTION और MONIKA ENTERPRISES जैसे ठेकेदारों ने बताया कि उन्होंने काम करने के बाद भी लगभग 15 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं पाया है।
इन कंपनियों ने अपनी शिकायतें CCL मुख्यालय, जिला प्रशासन, और केंद्रीय एजेंसियों तक भेजी हैं। लेकिन अब तक ना कोई FIR दर्ज हुई, ना ही किसी एजेंसी ने जांच शुरू की। अब सवाल उठ रहे हैं — क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है या किसी बड़ी मिलीभगत का हिस्सा?
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