धनबाद :झारखंड की राजनीति में धनबाद इस समय सियासी जंग का मैदान बना हुआ है। भाजपा सांसद ढुलू महतो और बेरमो के कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह के बीच बढ़ती राजनीतिक तनातनी थमने का नाम नहीं ले रही। 2024 के लोकसभा चुनाव में ढुलू महतो ने जयमंगल की पत्नी अनुपमा सिंह को हराकर जीत दर्ज की थी। तब से ही दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
कोयला कारोबार से लेकर सरकार की छवि पर वार
हाल ही में सांसद ढुलू महतो ने विधायक जयमंगल पर कोयला कारोबार में लिप्त रहने और राज्य सरकार की छवि खराब करने का आरोप लगाया था। इस पर बुधवार को इंटक और आरसीएमएस के नेताओं ने प्रेसवार्ता कर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सांसद न सिर्फ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, बल्कि डर और नफरत का माहौल भी बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
“धनबाद को लूटने के बाद बोकारो की ओर नजर”
इंटक-आरसीएमएस के महासचिव ए.के. झा और कार्यकारी अध्यक्ष ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि सांसद ढुलू महतो को सांसद बने डेढ़ साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने अब तक संसद में धनबाद के विकास, मजदूरों या किसानों की कोई आवाज नहीं उठाई। इसके बजाय वे कोयला क्षेत्र की आउटसोर्सिंग कंपनियों से जुड़े हैं और रंगदारी वसूलने का आरोप उन पर लगातार लग रहा है। नेताओं ने यहां तक कहा कि “धनबाद को लूटने के बाद अब ढुलू की नजर बोकारो पर है।”
पूर्व सांसद पशुपति नाथ सिंह का उदाहरण दिया गया
इंटक नेताओं ने कहा कि भाजपा के पूर्व सांसद पशुपति नाथ सिंह विपक्ष की आलोचना जरूर करते थे, लेकिन कभी मर्यादा नहीं लांघते थे। आज धनबाद की सियासत में संवाद की जगह आरोप-प्रत्यारोप और डर का माहौल हावी है।
ढुलू की संपत्ति पर उठे सवाल, SIT और CBI जांच की मांग
ए.के. झा ने दावा किया कि सांसद ढुलू महतो पर कई आपराधिक मामले चल रहे हैं और उन पर आय से अधिक संपत्ति का केस भी न्यायालय में लंबित है। उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है कि आखिर इतनी संपत्ति उन्होंने किस स्रोत से अर्जित की।
इंटक और यूनियन नेताओं ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि ढुलू महतो की संपत्ति, कोयला कारोबार और आउटसोर्सिंग कंपनियों से संबंधों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए और जरूरत पड़ने पर CBI जांच भी कराई जाए।
प्रेसवार्ता में समप्रित यादव, शकील यादव, ब्रजेश सिंह सहित कई यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे।

